यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी और जमाखोरी नहीं होगी बर्दाश्त : उपायुक्त

 


पलामू, 06 अगस्त (हि.स.)। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष से वर्चुअल माध्यम से यूरिया और डीएपी उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी की रोकथाम को लेकर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की।

इस बैठक में उपायुक्त ने कहा कि खरीफ मौसम में किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में यूरिया और डीएपी की कृत्रिम किल्लत, कालाबाजारी अथवा जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को नियमित रूप से उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान में निर्धारित मूल्य सूची (रेटचार्ट), आवश्यक सूचनाएं और वैध लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉश (ई-पॉस) मशीन के माध्यम से आधार सत्यापन के बाद ही किया जाए। बिना ई-पॉश और आधार सत्यापन के किसी भी स्थिति में उर्वरक का वितरण नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से टास्क फोर्स की बैठक आयोजित करने और खाद वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

इस बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी और पड़वा अंचलाधिकारी कार्यालय कक्ष से जुड़े, जबकि जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित अन्य अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार