आदिवासी संगठनों ने धर्म, संस्कृति और परंपरा को बचाने का लिया संकल्प

 


रांची, 05 अक्टूबर (हि.स.)। सरना सदान मूलवासी मंच और केंद्रीय सरना समिति के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर करम मिलन समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री सह सांसद संजय सेठ और रांची की महापौर रोशनी खलखो शामिल हुईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ भेलवा फाड़कर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ करम पर्व की खुशियां मनाई।

इस अवसर पर मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने कहा कि आज अपनी धर्म-संस्कृति और रीति-रिवाज को बचाने की जरूरत है। आने वाली पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना होगा और उनके अंदर अपने धर्म एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों और परंपराओं को सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वहीं केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि समाज अपने पूर्वजों की ओर से दी गई व्यवस्था और परंपराओं को आगे बढ़ाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि जिस सोच और सपने के साथ वीर शहीदों ने अलग राज्य के लिए संघर्ष किया था वह सपना अभी अधूरा है। उन्होंने संकल्प दोहराते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपने धर्म, संस्कृति और रीति-रिवाज को खत्म नहीं होने दिया जाएगा।

समारोह के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की गई। इसके बाद पारंपरिक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। उपस्थित लोगों ने पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य के साथ करम पर्व की खुशियां मनाईं। वहीं पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा, मुख्य पहान जगलाल पहान, करम मिलन समारोह के मुख्य संरक्षक सन्नी टोप्पो, सरना सदन मूलवासी मंच के अध्यक्ष अर्चना मिर्धा, करन नायक, मुकेश मुंडा, आशीष मुंडा, विशाल मंडा सहित कई लोग शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak