एसआइआर कार्य में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ और सुपरवाइजरों पर होगी कार्रवाई : उपायुक्त
रांची, 10 जुलाई (हि.स.)। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर ) अभियान में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ (बीएलओ) और बीएलओ सुपरवाइजरों की जिला प्रशासन ने पहचान शुरू कर दी है। इन कर्मियों के खिलाफ निलंबन के साथ विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने शुक्रवार को समाहरणालय में एसआइआर कार्य की समीक्षा बैठक की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी ईआरओ और एईआरओ को निर्देश दिया कि अभियान से जुड़े जो भी कर्मचारी अपने दायित्वों पर लापरवाही कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में गणना प्रपत्र के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में कार्य की प्रगति धीमी चल रही है। ऐसे में कंप्यूटर ऑपरेटर और बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ को डिजिटाइजेशन में हरसंभव सहयोग दें। उन्होंने 14 जुलाई को सभी बूथों पर बीएलओ एवं बीएलओ-2 की बैठक और चुनावी पाठशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। जिले में अब तक 15 लाख 69 हजार 153 यानी 58.67 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण किया जा चुका है, जबकि 03 लाख 49 हजार 404 यानी 13.06 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हुआ है।
तमाड़ (79.74प्रतिशत ) और सिल्ली (79.34 प्रतिशत) सबसे आगे है। वहीं रांची (37.77प्रतिशत ) और हटिया (39.26 प्रतिशत) सबसे पीछे हैं। डिजिटाइजेशन में भी तमाड़ (18.08 प्रतिशत ), सिल्ली (19.99 प्रतिशत) और मांडर (18.72 प्रतिशत) बेहतर स्थिति में हैं, जबकि रांची (4.96 प्रतिशत) और हटिया (9.54 प्रतिशत) की प्रगति सबसे धीमी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे