श्रम कानूनों की अनदेखी पर कार्रवाई तय, औद्योगिक सुरक्षा को लेकर एसडीओ सख्त

 




रामगढ़, 05 सितंबर (हि.स.)। रामगढ़ जिले के उद्योगों और फैक्ट्रियों में श्रम कानूनों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। उपायुक्त ऋतुराज के निर्देश पर शनिवार को एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की ने अनुमंडल कार्यालय में अधिकारियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक की। इस दौरान श्रम कानूनों के अनुपालन और औद्योगिक सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने नियमों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही।

बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शंभू बैठा, श्रम अधीक्षक अनिल रंजन, कारखाना निरीक्षक राहुल कुमार, जिला अग्निशमन पदाधिकारी मंटू सिंह समेत विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधक व संचालक मौजूद रहे।

एसडीओ कृष्णा मुरारी तिर्की ने सभी प्रतिष्ठानों में श्रम नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सेफ्टी रेगुलेशन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच पर विशेष जोर दिया। औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन कराने तथा स्थानीय श्रमिकों के हित और कल्याण से जुड़े प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया।

एसडीओ ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा, अधिकार और कल्याण प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी प्रतिष्ठानों को अपने दस्तावेज और अभिलेख अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने को कहा गया।

बैठक में कारखाना निरीक्षक राहुल कुमार ने ''प्रोडक्शन मस्ट बट सेफ्टी फर्स्ट'' का नारा दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में कारखाने में काम बंद नहीं होना चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की कर्मचारी और मजदूरों की सुरक्षा से समझौता कर लिया जाए।

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शंभू बैठा ने कहा कि उद्योग की स्थापना के लिए 28 दस्तावेज आवश्यक है। अगर इनमें से एक भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होगा तो फैक्ट्री की स्थापना नहीं हो पाएगी। जांच के दौरान सभी 28 दस्तावेज जरूर मांगे जाएंगे। फैक्ट्री संचालक इसमे लापरवाही ना बरतें।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी मंटू सिंह ने कहा कि फैक्ट्री मालिकों को फायर ब्रिगेड का एनओसी लेना बेहद जरूरी है। उनकी एक लापरवाही के कारण कर्मचारी और मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

श्रम अधीक्षक अनिल रंजन ने बैठक में स्पष्ट कर दिया कि मजदूरों को सिर्फ ऑनलाइन ही वेतन मिलेगा। महीने के 7 तारीख तक मजदूरों को उनके खाते में पैसे मिल जाने चाहिए। इसके अलावा पीएफ और ईपीएफ के साथ नियमानुसार सभी चीजें ऑनलाइन ही किए जाएंगे।

बैठक में संबंधित अधिकारियों को औद्योगिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को भी प्रशासन के निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश