सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन भारत दर्शन-कक्षा प्रबंधन पर मंथन
रांची, 19 मई (हि.स.)। रांची के धुर्वा में स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित छह दिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सह कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को विभिन्न शैक्षणिक, वैचारिक और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षण कौशल में वृद्धि और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
द्वितीय दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद आयोजित वैचारिक सत्र में झारखंड के प्रांत शारीरिक शिक्षण प्रमुख कुणाल कुमार ने “भारत दर्शन” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने भारतीय संस्कृति, धर्म और जीवन मूल्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा करने वाला आवश्यक गुण है। धर्म के अभाव में मनुष्य का जीवन दिशाहीन हो जाता है और वह पशु प्रवृत्ति की ओर बढ़ने लगता है।
कुणाल कुमार ने आधुनिक भोगवादी संस्कृति पर चिंता व्यक्त करते हुए संयमित और संतुलित जीवनशैली अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सदैव विश्वबंधुत्व और श्रेष्ठ विचारों को स्वीकार करने की रही है। हमें विश्व के अच्छे विचारों को देश और समाज की आवश्यकता के अनुरूप अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान “कक्षा प्रबंधन” विषय पर भी विशेष चर्चा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ बेहतर संवाद, अनुशासन, सहभागिता आधारित शिक्षण और सकारात्मक वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
सीबीएसई इन-हाउस ट्रेनिंग के अंतर्गत शिक्षकों को “टीचिंग साइंस इन सेकेंडरी क्लासेस” विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें विज्ञान शिक्षण को रोचक, प्रयोगात्मक और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों और गतिविधि आधारित शिक्षा पद्धति से भी अवगत कराया गया।
दिन के अंतिम सत्र में शारीरिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें खेल, योग, प्राणायाम और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि मानसिक और शारीरिक संतुलन एक अच्छे शिक्षक के लिए अत्यंत आवश्यक है, इसलिए नियमित योग और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
इस अवसर पर शिशु विकास मंदिर समिति के सह मंत्री डॉ. धनेश्वर महतो, सदस्य लाल अशोकनाथ शाहदेव, सदस्य नर्मदेश्वर मिश्र, विभाग प्रचारक मंटू कुमार, प्राचार्य ललन कुमार, उपप्राचार्या मीना कुमारी सहित विद्यालय के सभी आचार्य एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar