इलाज के दौरान बंदी की मौत, दूसरे दिन भी नहीं हो सकी पोस्टमार्टम
दुमका, 07 जून (हि.स.)। जिला के मंडल कारा के एक 70 वर्षीय विचाराधीन बंदी की फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना शनिवार को हुई है। दूसरे दिन भी बंदी के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। करीब 30 घंटे से अधिक समय तक शव अस्पताल के कैदी वार्ड में रखा हुआ है।
मौत की खबर सुनने के बाद बंदी के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए है। लेकिन कारा प्रशासन की लापरवाही के कारण रविवार को भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार विचाराधीन बंदी अब्दुल मतीन पश्चिम बंगाल के फरक्का का रहने वाला था। वह हत्या के एक मामले में पाकुड़ जिला के मंडल कारा में बंद था। उसे अभी सजा नहीं हुई थी।
शनिवार को अचानक विचाराधीन बंदी अब्दुल मतीन की तबीयत खराब हो गई। मंडल कारा प्रशासन ने बंदी को इलाज के लिए पीजेएमसीएच, दुमका भेज दिया। पीजेएमसीएच के कैदी वार्ड में विचाराधीन बंदी को इलाज के लिए रखा गया। कुछ ही देर के बाद बंदी की मौत हो गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार