रांची में आवारा श्वानों के लिए बड़गाई में 2.10 करोड़ से बनेगा जन्म नियंत्रण केंद्र
रांची, 21 अगस्त (हि.स.)। राजधानी रांची शहर में आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या के वैज्ञानिक और मानवीय प्रबंधन के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा और पशु कल्याण को बेहतर बनाने की दिशा में रांची नगर निगम की ओर से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम की टीम के साथ बड़गाई में प्रस्तावित पशु आश्रय-सह-जन्म नियंत्रण केंद्र के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया।
नगर विकास एवं आवास विभागकी ओर से शहरी क्षेत्रों में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास के लिए रांची नगर निगम को 2.10 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।
इसी कड़ी में मौजा बड़गई, खाता संख्या-140, प्लॉट संख्या-767 में कुल 01 एकड़ 90 डिसमिल भूमि में से 20.2 डिसमिल भूमि पर पशु आश्रय-सह-जन्म नियंत्रण केंद्र विकसित किया जाएगा। केंद्र के माध्यम से आवारा श्वानों की नसबंदी, टीकाकरण और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इससे एक ओर श्वानों की आबादी को मानवीय तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। वहीं दूसरी ओर रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को केंद्र निर्माण से जुड़े टेंडर सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण रूप से पालन करने पर विशेष जोर
उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
शेष भूमि पर बनेगा डॉग शेल्टर होम
नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान 01 एकड़ 90 डिसमिल भूमि के शेष हिस्से में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डॉग शेल्टर होम विकसित करने के लिए प्रस्ताव एवं डिजाइन तैयार करने का भी निर्देश दिया। शेल्टर होम में आक्रामक श्वानों, आवारा स्ट्रीट डॉग्स और रेबीज प्रभावित श्वानों के लिए आवश्यकतानुसार अलग-अलग व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
इसके साथ ही गार्ड रूम, बाउंड्री वॉल, आवागमन मार्ग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को शामिल करते हुए समुचित डिजाइन तैयार किया जाएगा। संबंधित पदाधिकारियों को शेल्टर होम से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया भी जल्द प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।
नागरिकों की सुरक्षा के साथ पशु कल्याण पर भी जोर
नगर आयुक्त ने कहा कि प्रस्तावित केंद्र का उद्देश्य केवल आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि उनके नसबंदी, टीकाकरण, स्वास्थ्य देखभाल और वैज्ञानिक प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। व्यवस्थित एबीसी सेंटर एवं डॉग शेल्टर होम के माध्यम से शहर में आवारा श्वानों के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा, जिससे नागरिकों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पशु कल्याण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित होगा।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र निर्माण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए जल्दओ टेंडर प्रकाशित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता, सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी, निगम के अभियंतागण, नगर प्रबंधक सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak