रांची में हुए पहला आईसीएआई दीक्षांत समारोह में 76 विद्यार्थियों को दी गईं डिग्रियां

 


रांची, 23 मई (हि.स.)। दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ओर से झारखंड और बिहार में पहली बार नवउत्तीर्ण चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन शनिवार, को रांची के करमटोली स्थित सेलिब्रेशन बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुआ।

विश्व की सबसे बड़ी एकाउंटिंग संस्था आईसीएआई का दीक्षांत समारोह पहली बार रांची में आयोजित होने से पूरे क्षेत्र के चार्टर्ड अकाउंटेंसी विद्यार्थियों, नवउत्तीर्ण सदस्य और उनके परिजनों में विशेष उत्साह और गर्व का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान कुल बिहार और झारखंड के 76 नवउत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवउत्तीर्ण चार्टर्ड एकाउंटेंट्स अपने परिवारजनों के साथ उपस्थित हुए। समारोह में उपस्थित नवउत्तीर्ण चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के चेहरे पर वर्षों की कठिन मेहनत, समर्पण और सफलता की खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। यह अवसर उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार क्षणों में से एक बन गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुंबई से आईसीएआई के अध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी और उपाध्यक्ष सीए मंगेश पी किनरे ने ऑनलाइन माध्यम से किया। कार्यक्रम में आईसीएआई अध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल एक पेशेवर नहीं, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं।

उन्होंने नवउत्तीर्ण सदस्यों को ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए कहा कि आज के समय में वित्तीय अनुशासन एवं कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

छात्रों के साथ उनके परिवार और शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम : सीए मंगेश

वहीं आईसीएआई के उपाध्यक्ष सीए मंगेश पी किनरे ने भी सभी नवउत्तीर्ण चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उनके परिवार, शिक्षकों एवं संस्थान के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे समय में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने सभी युवाओं से प्रोफेशनल उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का भी आह्वान किया।

रांची में आयोजित इस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में सीसीएल के डायरेक्टर (फाइनेंस) सीए पवन कुमार मिश्रा उपस्थित थे। उन्होंने नवउत्तीर्ण चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को सर्टिफिकेट देते हुए कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी केवल एक प्रोफेशन नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य एवं निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि आईसीएआई देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पेशेवरों को तैयार करता है और आज के नवउत्तीर्ण सदस्य भविष्य में उद्योग, व्यापार, शासन एवं समाज को नई दिशा देंगे।

कार्यक्रम के रांची कोऑर्डिनेटर और रीजनल काउंसिल सदस्य सीए राजीव गुप्ता ने कहा कि झारखंड एवं बिहार में पहली बार इस प्रकार का भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया की यह दीक्षांत समारोह इंस्टिट्यूट की मध्य भारतीय क्षेत्रीय परिषद् जो भारत देश की सात राज्यों की प्रतिनिधित्वा करती है।

इधर, समारोह के दौरान नवउत्तीर्ण चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को सर्टिफिकेट दिया गया। सर्टिफिकेट प्राप्त करते समय विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरे पर खुशी और गर्व की विशेष झलक देखने को मिली। कई अभिभावकों ने इसे अपने जीवन का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, सचिव सीए दिलीप कुमार, कोषाध्यक्ष सीए हरेन्दर भारती और कार्यकारिणी सदस्य सीए अभिषेक केडिया सहित अन्य की महती भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak