आयकर सर्वे में बिल्डर के ठिकाने से 50 करोड़ की टैक्स चोरी के दस्तावेज मिले

 




रांची, 16 जुलाई (हि.स.)। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने सर्वे के दौरान बड़ा खुलासा किया है। राजधानी की बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह के विरुद्ध बुधवार से जारी सर्वे के दौरान आयकर विभाग को 50 करोड़ रुपये की अघोषित आय की जानकारी मिली है, जिसे इन दोनों समूहों ने अर्जित की है। इन बेनामी संपत्ति के विरुद्ध आयकर विभाग की छानबीन जारी है।

आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि कोलकाता से आये फॉरेंसिक टीम द्वारा डिजिटल डिवाइस से निकाले गए डाटा में ब्लैक मनी देकर फ्लैट खरीदने वालों का ब्योरा मिला है। इससे ब्लैक मनी के सहारे फ्लैट खरीदने वालों की मुश्किलें बढ़ेंगी ।

आयकर विभाग की ओर से पानस रियल्टर्स

और दयानंद ग्रुप के ठिकानों पर दूसरे दिन भी सर्वे जारी है. समाचार लिखे जाने तक इन बिल्डरों के ठिकानों से अपनी वास्तविक आमदनी छिपा कर 50 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी किये जाने से संबंधित ब्योरा मिला है। बिल्डरों के ठिकानों पर लगे कंप्यूटर, लैपटॉप और संबंधित बिल्डरों के पार्टनर्स और निदेशकों के मोबाइल डेटा निकालने के लिए कोलकाता से फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया था।

फॉरेंसिक टीम की ओर से निकाले गए डाटा और वाट्सएप चैट में कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं। इसमें ब्लैक मनी देकर फ्लैट खरीदने वालों का नाम और दी गयी राशि का ब्योरा दर्ज है। बताया जाता है कि एक-एक खरीददार ने ब्लैक में (नकद) एक-एक करोड़ रुपये का भुगतान किया है। फ्लैटों की सामान्य बिक्री के दौरान 30%-50% तक ब्लैक मनी (नकद राशि) लेने का सबूत डिजिटल डिवाइस से मिला है। फॉरेंसिक टीम की ओर से निकाले गए डाटा के आलोक में फ्लैट खरीददारों से भी जल्द पूछताछ किये जाने की सूचना है।

आयकर विभाग की ओर से जारी सर्वे के दौरान बिल्डर के ठिकानों से मिले दस्तावेज से इस बात की भी जानकार मिली है कि ज्यादातर जमीन मालिकों ने अपने हिस्से पर लगने वाला पूरा टैक्स नहीं चुकाया है। कुछ जमीन मालिकों की ओर से बिल्डरों के साथ किए गए एग्रिमेंट की जानकारी भी आयकर विभाग को नहीं दी गयी है। सर्वे के दौरान मिले दस्तावेज के आधार पर आयकर विभाग की ओर से इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या किसी ने बेनामी संपत्ति भी बनायी है।

आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने बुधवार को ही उपरोक्त दोनों बिल्डरों के ठिकानों पर सर्वे शुरू किया था। इनमें लालपुर-कोकर मार्ग पर आर्या के आगे रोजवुड अपार्टमेंट, रांची महिला महाविद्यालय के सामने पनास 99 में भी आयकर के अधिकारियों की छानबीन जारी है। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा इन दोनों बिल्डर से जुड़ी सात परियोजनाओं में टैक्स चोरी की आशंका पर अपना सर्वे कार्य जारी रखी है।

जिनके विरुद्ध आयकर अनुसंधान शाखा ने सर्वे शुरू किया है, उनमें नारायण प्रसाद जालान के निर्देशन में संचालित पानस रियल्टर्स व दयानंद मोदी की संयुक्त परियोजना महिला महाविद्यालय के सामने स्थित पनास 99, दयानंद मोदी की लालपुर-कोकर रोड स्थित रोजवुड अपार्टमेंट व रातू रोड स्थित मोदी हाइट्स शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे