उच्च न्यायालय : शिक्षक नियुक्ति विवाद में जेएसएससी की ओर से बहस पूरी, सरकार 30 को रखेगी पक्ष
रांची, 16 सितंबर (हि.स.)। स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 नियुक्ति से जुड़े मीना कुमारी के मामले में राज्य सरकार और जेएसएससी की अपील (एलपीए) पर झारखंड उच्च न्यायालय में बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में जेएसएससी की ओर से बहस पूरी हो गई।
मामले में महाधिवक्ता रोहित राय ने सरकार की ओर से बहस के लिए समय की मांग की। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए 30 सितंबर का समय दिया। उच्च न्यायालय ने इससे संबंधित अवमानना याचिका के सुनवाई पर रोक जारी रखी है।
उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि मामले में राज्य सरकार एवं जेएसएससी यदि कुछ शपथ पत्र दाखिल करना चाहती है तो 24 सितंबर तक वह दाखिल कर सकती है कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की है।
प्रतिवादियों (अभ्यार्थियों) की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता सहित अन्य ने पक्ष रखा। जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पक्ष रखा। वहीं सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित सिन्हा ने पक्ष रखा।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवादियों की ओर से न्यायालय को बताया गया था कि उक्त नियुक्ति परीक्षा में सरकार की ओर से 17786 पदों के विरुद्ध मात्र 12046 भरे गए हैं। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने प्रार्थियों के प्रतिवेदन के आधार पर योग्य एवं अर्हता पूरी करने वाले 2034 अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति करने का निर्देश दिया था।
उल्लेखनीय है कि डोरंडा स्थित पुराने उच्च न्यायालय बिल्डिंग में वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत में शिक्षक नियुक्ति से जुड़े (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016) मामले की सुनवाई चल रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे