टीएमएच में झुलसी युवती से इलाज के नाम पर पैसे मांगना गैरकानूनी : अधिवक्ता सुधीर कुमार
पूर्वी सिंहभूम,13 अप्रैल (हि.स.)। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में चाय फेंककर झुलसा दी गई युवती मेंहदी के इलाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में इलाजरत पीड़िता के परिजनों से अस्पताल प्रबंधन की ओर से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। इस पर वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताया है और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है,जिनमें धारा 118(2), 109, 352, 351(2), 74 और 3(5) शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि यह हमला ज्वलनशील पदार्थ (गर्म चाय) से किया गया है,जिससे पीड़िता के चेहरे और शरीर पर गंभीर जलन और विकृति की आशंका है, ऐसे मामलों में कानून पीड़ित को मुफ्त इलाज का अधिकार देता है।
उन्होंने विशेष रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 397 और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 357C का हवाला दिया। अधिवक्ता के अनुसार, धारा 357C के तहत यह अनिवार्य प्रावधान है कि किसी भी अस्पताल-चाहे वह सरकारी हो या निजी—को एसिड अटैक या किसी भी ज्वलनशील पदार्थ से झुलसे पीड़ित का तुरंत और नि:शुल्क इलाज करना होगा। वहीं बीएनएसएस की धारा 397 भी पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर जोर देती है।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि यदि टीएमएच प्रबंधन द्वारा इलाज के दौरान पैसे की मांग की जा रही है,तो यह सीधे-सीधे इन कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। यह न केवल कानून की अवहेलना है बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत संवेदनहीन व्यवहार है।
उन्होंने उपायुक्त से अपील की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता को बिना किसी आर्थिक बोझ के समुचित इलाज मिलना चाहिए, ताकि वह जल्द स्वस्थ हो सके।
गौरतलब है कि बिष्टुपुर में हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन भी पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस दौरान विधायक और जनप्रतिनिधि पीड़िता से मुलाकात की है और हरतरह सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं, सबकी नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक