बीएफसीएल ने हरित भविष्य का तैयार किया रोड मैप, हर माह लगेगा 100 पौधा
रामगढ़, 11 जनवरी (हि.स.)। रामगढ़ शहर के बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड (बीएफसीएल) प्लांट ने हरित भविष्य का रोड मैप तैयार किया है। क्षेत्र में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर किए गए कार्यों को जनता के बीच रखा है। रविवार को बीएफसीएल प्लांट प्रबंधन ने वर्ष 2025 में प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर कंपनी ने 2026 के लिए एक सुव्यवस्थित और महत्वाकांक्षी कार्य-योजना प्रस्तुत की है। इसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण, संसाधन संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन को बढ़ावा देना है।
पिछले वर्ष 3.50 हेक्टेयर में लगाए गए पौधे
बीएफसीएल पिछले साल ने 3.50 हेक्टेयर में हरित पट्टी विकसित करते हुए 839 देशी एवं तेजी से बढ़ने वाले पौधों का रोपण किया। धूल और उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए संयंत्र में 14 डस्ट कैचर, 5 अत्याधुनिक एंटी-स्मॉग गन तथा 67 वॉटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। सभी भट्टियों को उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर्स और अनेक बैग फिल्टर से सुसज्जित किया गया है।
रीयल-टाइम वायु गुणवत्ता निगरानी और पारदर्शिता
बीएफसीएल ने चार प्रमुख स्थानों तालाब, डीसी कार्यालय, कैंटोनमेंट अस्पताल और नईसराय चौक—पर कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किए हैं।
1200 पौधे लगाने का संकल्प
बीएफसीएल ने वर्ष 2026 में 1,200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रति माह 100 पौधा रोपण होगा। प्लांट प्रबंधन ने कहा कि हम मानते हैं कि औद्योगिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। ‘हरित भविष्य’ रोडमैप के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश