बारिश के साथ बढ़ती आर्द्रता और जलजमाव मलेरिया फैलने का संकेत : सीएस

 


देवघर, 05 जून (हि.स.)। सदर अस्पताल के सभागार में सिविल सर्जन डॉ रमेश कुमार की अध्यक्षता में मलेरिया रोधी माह के आयोजन को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय अंतर्विभागीय बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को मलेरिया से बचाव, नियंत्रण और जागरूकता संबंधी उपायों की जानकारी देकर उनके स्वास्थ्य व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना था।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन (सीएस) डॉ रमेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष मलेरिया रोधी माह की थीम मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध, अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा तय की गई है। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जून माह में बारिश की शुरुआत के साथ आर्द्रता और जलजमाव बढ़ता है, जो मलेरिया संचरण काल की शुरुआत का संकेत देता है।

जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव ने राष्ट्रीय रणनीति और जिला परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2027 तक स्थानीय मलेरिया संक्रमण को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि वर्ष 2030 तक देश को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन से मलेरिया मुक्त राष्ट्र का दर्जा प्राप्त हो सके।

कार्यशाला में जिला वीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि मानसून के दौरान जलजमाव मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। ऐसे में एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव, मच्छरदानियों का नियमित उपयोग और बुखार के लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराना आवश्यक है।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा शिक्षा विभाग, नगर निगम, नगर परिषद, जेएसएलपीएस और विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ संचयन, सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ सुषमा वर्मा, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिवाकर पासवान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सहिया दीदियां और विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy