कमला पुरुषोत्तमा एकादशी 27 मई को, व्रत-पूजन का विशेष महत्व
जम्मू, 25 मई (हि.स.)। ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की कमला पुरुषोत्तमा (कमला) एकादशी का व्रत 27 मई 2026, बुधवार को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ रखा जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार एकादशी तिथि 26 मई को प्रातः 5 बजकर 10 मिनट पर प्रारंभ होकर 27 मई को प्रातः 6 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर यह व्रत 27 मई को किया जाएगा। एकादशी व्रत के विषय में श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के प्रधान महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सामान्यतः वर्ष में 24 एकादशी होती हैं, लेकिन लगभग तीन वर्ष में एक बार आने वाले अधिक मास के कारण इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। अधिक मास में पड़ने के कारण इस एकादशी को पुरुषोत्तमा एकादशी कहा जाता है, जिसे कमला एवं पद्मिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
धर्मग्रंथों के अनुसार यदि पति-पत्नी संतान प्राप्ति की कामना से इस व्रत को श्रद्धा पूर्वक करते हैं तो उन्हें सुयोग्य संतान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस व्रत से अश्वमेध यज्ञ, जप, तप और तीर्थ स्नान-दान से भी कई गुना अधिक पुण्य फल मिलता है। महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि एकादशी व्रत केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। यह व्रत मन को संयमित कर जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है तथा व्यक्ति को धर्म और मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।
उन्होंने कहा कि इस दिन भगवान श्रीगणेश, श्री लक्ष्मी-नारायण एवं भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं को लक्ष्मी-नारायण कथा, विष्णु सहस्रनाम और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
एकादशी व्रत के नियम दशमी तिथि से ही प्रारंभ हो जाते हैं। दशमी के दिन सात्विक भोजन ग्रहण कर अगले दिन प्रातः स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। पूजा स्थल पर श्रीगणेश एवं लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत षोडशोपचार पूजन करना चाहिए। व्रत निराहार अथवा फलाहार दोनों प्रकार से किया जा सकता है। द्वादशी तिथि को व्रत का पारण कर जरूरतमंदों एवं ब्राह्मणों को भोजन तथा दान-दक्षिणा देना शुभ माना गया है। एकादशी के दिन तामसिक भोजन, नशा और क्रोध से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही चमड़े की वस्तुओं का प्रयोग, बाल और नाखून काटने तथा काले वस्त्र पहनने से भी बचने को कहा गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा