प्रीपेड बिजली मीटरों के विरोध में युवा राजपूत सभा का सरकार को अल्टीमेटम, जनहित में स्पष्टता नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी, उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ का आरोप
जम्मू, 01 जून (हि.स.)। युवा राजपूत सभा-जम्मू-कश्मीर (वाईआरएस) ने जम्मू में आयोजित एक प्रेस वार्ता में केंद्र शासित प्रदेश में प्रस्तावित प्रीपेड बिजली मीटरों के कार्यान्वयन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार और संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करती और लोगों की आशंकाओं का समाधान नहीं करती, तो वह व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा। प्रेस वार्ता को वाईआरएस के अध्यक्ष रिम्पी, पूर्व अध्यक्ष विक्रम सिंह विक्की, संस्थापक सदस्य रंजीत सिंह और राजेश सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने प्रस्तावित प्रीपेड मीटर व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे आम उपभोक्ताओं, विशेषकर दिहाड़ी मजदूरों, निम्न आय वर्ग के परिवारों, पेंशनभोगियों और छोटे व्यापारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
संगठन के नेताओं ने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और लाखों उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय को व्यापक जन परामर्श और पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और बिजली आधारित भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, तब बिजली की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता पैदा करना विरोधाभासी संदेश देता है। वाईआरएस ने सरकार से प्रीपेड मीटर परियोजना से संबंधित सभी विवरण, अध्ययन और उपभोक्ता सुरक्षा उपायों को सार्वजनिक करने की मांग की। संगठन ने दोहराया कि वह आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने वाले किसी भी निर्णय का विरोध करता रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा