युवतियां अपनी क्षमता पहचानकर समाज में बदलाव की वाहक बनें

 


जम्मू, 08 अक्टूबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जम्मू महानगर की ओर से ‘यशस्विनी युवती सम्मेलन-2026’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘पंच परिवर्तन’ रहा जिसमें बड़ी संख्या में युवतियों और छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवतियों को महिला सशक्तीकरण, नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा।

मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जम्मू-कश्मीर के सह-संघचालक डॉ. विक्रांत शर्मा ने पंच परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्यों के पालन और स्वदेशी जीवनशैली के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। विशेष अतिथि नारी शक्ति की

अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवतियों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को पहचानकर समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

प्रांत छात्रा प्रमुख एबीवीपी जम्मू-कश्मीर डॉ. आबिदा बार ने सम्मेलन के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवतियों को अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं। सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण, नेतृत्व, सामाजिक दायित्व, पंच परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर जागरूक किया गया।

अंत में युवतियों से पंच परिवर्तन के पांचों आयामों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा