पेटेंट व कॉपीराइट पर कार्यशाला सम्पन्न : शोधार्थियों को बौद्धिक संपदा संरक्षण की कानूनी प्रक्रिया की दी विस्तृत जानकारी

 


जम्मू, 25 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल द्वारा विश्वविद्यालय परिसर स्थित एसडीसीएसएस (इसरो भवन) के सेमिनार हॉल में “भारत में पेटेंट और कॉपीराइट फाइलिंग प्रक्रिया” विषय पर आयोजित कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में 87 शोधार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की और अपने नवाचार संबंधी विचारों व प्रश्नों को बौद्धिक संपदा विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने पेटेंट और कॉपीराइट से जुड़े कानूनी एवं प्रक्रियात्मक ढांचे को समझने में गहरी रुचि दिखाई तथा अपने शोध कार्य को संरक्षित बौद्धिक संपदा में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा की। उल्लेखनीय संख्या को देखते हुए भविष्य में बड़े सभागार में ऐसे आयोजन करने की आवश्यकता भी महसूस की गई।

यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. संजीव जैन के संरक्षण में आयोजित हुआ। आईआईसी के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार झा के पर्यवेक्षण में डॉ. विनीता शर्मा (संयोजक, आईआईसी) तथा प्रो. पवन कुमार (एसोसिएट डीन, रिसर्च) ने आयोजन का समन्वय किया। पहले सत्र में एस.एस. राणा एंड कंपनी की सीनियर साइंटिस्ट (पेटेंट एवं डिजाइन) संगीता नागर ने पेटेंट की मूल अवधारणा, इतिहास, पेटेंट योग्यता मानदंड तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।

दूसरे सत्र में इसी फर्म की एसोसिएट पार्टनर पूजा ठाकुर ने कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने ट्रेडमार्क पंजीकरण प्रक्रिया, सर्च रिपोर्ट, संरक्षण रणनीतियों तथा साउंड मार्क, थ्री-डायमेंशनल मार्क और डिजिटल सिग्नेचर जैसे विभिन्न स्वरूपों की व्याख्या की।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा