कठुआ की फार्मा फैक्ट्री में संदिग्ध केमिकल गैस से श्रमिक की मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कठुआ, 09 अक्टूबर (हि.स.)। कठुआ स्थित ओपीआई फार्मास्यूटिकल यूनिट में काम करने वाले श्रमिक राशपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार फैक्ट्री में केमिकल से संबंधित काम के दौरान गैस निकलने की आशंका है जिसके बाद दो श्रमिकों की तबीयत बिगड़ गई। राशपाल को उपचार के लिए जीएमसी कठुआ लाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
पंचायत छव्वेचक के पूर्व नायब सरपंच सुरजीत सिंह ने बताया कि राशपाल उनके गांव के रहने वाले थे और ओपीआई फैक्ट्री में काम करते थे। उन्हें मिली जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में केमिकल से संबंधित काम के दौरान दो लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। इसी दौरान राशपाल की हालत भी खराब हो गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। सुरजीत सिंह के मुताबिक राशपाल का शरीर नीला पड़ने और मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आई है।
राशपाल के साथ काम करने वाले श्रमिक मन्नत सिंह ने बताया कि वे घटना के समय उनके साथ काम कर रहे थे। मन्नत के अनुसार इसी दौरान केमिकल से गैस निकली जिसके बाद राशपाल की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्होंने बताया कि राशपाल वहां से निकलते हुए उनसे आगे जाने और खुद बाद में आने की बात कह रहे थे लेकिन कुछ ही देर में उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पूर्व नायब सरपंच सुरजीत सिंह ने बताया कि राशपाल अपने पीछे तीन बच्चे छोड़ गए हैं। परिवार के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बच्चों की परवरिश करना आसान नहीं होगा। सुरजीत सिंह के अनुसार फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से पांच लाख रुपये देने की बात कही जा रही है लेकिन उनका कहना है कि इतनी राशि से तीन बच्चों के भविष्य और लंबे समय तक उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी पूरी करना मुश्किल होगा। इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा, केमिकल से जुड़े कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और आपातकालीन प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह पता लगाना जरूरी है कि फैक्ट्री में किन परिस्थितियों में श्रमिकों की तबीयत बिगड़ी और क्या वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे। घटना की निष्पक्ष जांच से ही मौत के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही का पता चल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया