जम्मू में महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया करवाचौथ का त्योहार
जम्मू, 29 अक्टूबर (हि.स.)।
जम्मू में करवाचौथ का त्योहार महिलाओं ने पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखा। इस खास मौके पर महिलाएं नए कपड़े पहनकर और सोलह शृंगार करके पूजा-अर्चना के लिए एकत्र हुईं। महिलाओं ने एक-दूसरे को करवड़े बांटकर और पारंपरिक रस्में निभाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं।
करवाचौथ के अवसर पर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, हाथों में मेहंदी, चूड़ियों और अन्य शृंगार के साथ महिलाएं पूजा में शामिल हुईं। इस दौरान महिलाओं ने करवाचौथ की कथा सुनी और अपने पति की लंबी उम्र तथा परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूजा के दौरान करवड़े बांटने और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने की परंपरा भी निभाई गई।
करवाचौथ पर करवड़े बांटने की रस्म का विशेष महत्व माना जाता है। कई परिवारों में महिलाएं मिट्टी या अन्य सामग्री से बने करवे में पारंपरिक पूजा सामग्री रखकर एक-दूसरे के साथ उनका आदान-प्रदान करती हैं। यह परंपरा आपसी प्रेम, सम्मान और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने का प्रतीक मानी जाती है। पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीतों और रीति-रिवाजों के साथ त्योहार की खुशियां मनाईं।
वहीं महिलाओं ने कहा कि करवाचौथ उनके लिए केवल व्रत रखने का दिन नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और परिवार की खुशहाली से जुड़ा एक खास त्योहार है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को पूजा-अर्चना के बाद चांद निकलने का इंतजार करती हैं। चंद्रमा के दर्शन और पूजा करने के बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है।
कुल मिलाकर करवाचौथ के मौके पर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सोलह शृंगार, पूजा-अर्चना और करवड़े बांटने की पारंपरिक रस्मों के साथ महिलाओं ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता