केंद्रीय गृह सचिव और खुफिया ब्यूरो प्रमुख दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे जम्मू

 

जम्मू, 14 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका और अन्य वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारी केंद्र शासित प्रदेश में समग्र सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के लिए आज दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंच रहे हैं। इस दौरे में आतंकवाद-रोधी अभियानों और सीमा सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आने वाला दल अपने आगमन के तुरंत बाद पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक करेगा। इस बैठक में जम्मू और कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाएगा जिसमें पाकिस्तान स्थित एजेंटों द्वारा ड्रोन गतिविधियों और घुसपैठ मार्गों के माध्यम से आतंकवादियों और हथियारों की तस्करी के प्रयासों का भी जायजा लिया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि समीक्षा मुख्य रूप से डोडा, किश्तवाड़, कठुआ और उधमपुर जैसे जिलों के पहाड़ी और वन क्षेत्रों में चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित होगी जहां सुरक्षा बल आतंकवादियों को ट्रैक करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए निरंतर अभियान चला रहे हैं।

घुसपैठ रोधी तंत्र को मजबूत करने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी।

मुख्य सचिव अटल दुल्लू, गृह सचिव चंद्रकर भारती, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, वरिष्ठ पुलिस और खुफिया अधिकारी, अर्धसैनिक बलों के प्रमुख और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि सहित शीर्ष अधिकारियों के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। हालाँकि नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हाल ही में घुसपैठ के किसी बड़े प्रयास की सूचना नहीं मिली है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकवादी समूह सीमा पार लॉन्च पैड पर अनुकूल परिस्थितियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सेना और बीएसएफ किसी भी घुसपैठ के प्रयास को विफल करने के लिए नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा दोनों पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।

सूत्रों ने आगे बताया कि केंद्रीय दल जम्मू सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों का दौरा करके जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लेगा और परिचालन तैयारियों की समीक्षा करेगा। यह दो दिवसीय दौरा 8 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के तुरंत बाद हो रहा है जिसमें केंद्र ने आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म करने और जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह