जीजीएम साइंस कॉलेज में संविधान मूल्यों और नशा मुक्ति पर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

 


जम्मू, 23 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू के जीजीएम साइंस कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत छात्रों में नागरिक जागरूकता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम डॉ. भीमराव अंबेडकर की विरासत को समर्पित रहा, जिसमें छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रोमेश कुमार गुप्ता के उद्घाटन संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन को एक जिम्मेदार समाज की नींव बताया। पहले दिन “मौलिक कर्तव्य बनाम मौलिक अधिकार” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने संवैधानिक विषयों पर गहरी समझ और तर्क प्रस्तुत किए।

दूसरे दिन छात्रों ने समूहों में “यूथ संविधान” तैयार किया, जिसमें प्रस्तावना, अधिकार, कर्तव्य और नियमों को शामिल किया गया। इस गतिविधि ने छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। इसी क्रम में कॉलेज में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ड्रग-फ्री इंडिया विषय पर एक जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. संजय कोटवाल ने नशे के बढ़ते खतरे और इसके सामाजिक-मानसिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। प्राचार्य ने भी छात्रों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीतू रैना ने किया, जबकि आयोजन में कॉलेज के कई प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन समाज में जागरूकता फैलाने के संकल्प के साथ हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा