वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए मौके पर पंजीकरण कराने हेतु श्रद्धालु निर्धारित केंद्रों पर कतार में खड़े

 

जम्मू, 30 जून (हि.स.)। वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए मौके पर पंजीकरण कराने हेतु आवश्यक टोकन प्राप्त करने के लिए मंगलवार को सैकड़ों श्रद्धालु यहां निर्धारित केंद्रों पर कतार में खड़े रहे। 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिवसीय तीर्थयात्रा 3 जुलाई से अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के छोटे लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से शुरू होने वाली है।

तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना होगा। टोकन धारकों के लिए मौके पर पंजीकरण प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी। देश के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्री पंजीकरण प्रक्रिया के लिए आवश्यक टोकन प्राप्त करने हेतु आधी रात से ही पंजीकरण केंद्र के बाहर कतार में खड़े थे।

अधिकारियों ने बताया कि बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत जम्मू कृत्रिम झील के पास तवी नदी तट पर 10 टोकन वितरण काउंटर स्थापित किए गए हैं। सुबह के समय भारी भीड़ देखी गई जिससे सुरक्षाकर्मी सतर्क रहे। गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा के लिए 4,000 से अधिक लोग जम्मू पहुंच चुके हैं। पुणे से आए अश्वनी कदम जो अपने सात सदस्यों के परिवार के साथ पहुंचे हैं ने बताया कि वे सोमवार रात से ही टोकन के लिए इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम आधी रात से कतार में बैठे थे और सुबह 6 बजे काउंटर खुलने का इंतजार किया। पंजीकरण के लिए टोकन पाकर हम बहुत खुश हैं और तीर्थयात्रियों के पहले बैच का हिस्सा बनकर उत्साहित हैं।

कदम ने बताया कि गुफा मंदिर में दर्शन करना उनके परिवार की लंबे समय से इच्छा थी। उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा आखिरकार पूरी हो गई। हम धन्य महसूस कर रहे हैं। दिल्ली की सुनीता तनेजा जो महिलाओं के एक समूह के साथ सातवीं बार तीर्थयात्रा कर रही हैं ने बताया कि वे टोकन के लिए कई घंटों से इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हम बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। टोकन की उपलब्धता को लेकर कुछ चिंता है लेकिन सब कुछ बाबा (भगवान शिव) के आशीर्वाद पर निर्भर करता है। हमें उम्मीद है कि हमें टोकन मिल जाएगा और हम उनके दर्शन कर सकेंगे।

जम्मू के उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने बताया कि टोकन वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि तवी नदी तट पर दस टोकन काउंटर स्थापित किए गए हैं। टोकन धारकों के लिए पंजीकरण, ई-केवाईसी सत्यापन और आरएफआईडी जारी करना कल से शुरू होगा। मिन्हास ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है जिसमें उन्नत पंजीकरण सुविधाएं, आवास, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारा टोकन केंद्र, ई-केवाईसी और आरएफआईडी पंजीकरण काउंटरों के साथ, तवी नदी तट पर पूरी तरह से कार्यरत है। पिछले वर्षों की तरह गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर में भी पंजीकरण काउंटर काम करेंगे।

उन्होंने बताया कि लगभग 4,000 तीर्थयात्रियों के लिए आवास, 100 से अधिक शौचालय और स्नान इकाइयाँ, चौबीसों घंटे चलने वाली सामुदायिक रसोई (लंगर), बिस्तर, पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि तवी नदी तट तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगा और स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे तीर्थयात्रियों को स्थल तक मार्गदर्शन करें।

टोकन वितरण प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए मिन्हास ने कहा कि प्रत्येक तीर्थयात्री को स्वयं टोकन लेना होगा और प्रत्येक पात्र श्रद्धालु को केवल एक टोकन जारी किया जाएगा। परिवार के सदस्यों सहित सभी को अलग-अलग कतार में खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति तीर्थयात्रा के पात्र नहीं हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता