केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के लिए असली अच्छे दिन तभी आएंगे जब राज्य का दर्जा बहाल हो जाएगा-सुरिंदर चौधरी

 

श्रीनगर, 12 जुलाई(हि.स.)। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के लिए असली अच्छे दिन तभी आएंगे जब राज्य का दर्जा बहाल हो जाएगा। पत्रकारों से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि बेरोजगारी जम्मू-कश्मीर के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह बिना किसी देरी के इस क्षेत्र को राज्य का दर्जा वापस दे।

डिप्टी सीएम ने कहा कि अच्छे दिन तभी आ सकते हैं जब राज्य का दर्जा बहाल हो। आज हर घर में एक बेरोजगार युवा है हमें राज्य का दर्जा वापस दें। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की आवाज़ है। अपनी मांग के प्रति नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए चौधरी ने घोषणा की कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग के लिए 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में एनसी के सभी विधायक और मंत्री शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को नेशनल कॉन्फ्रेंस के सभी विधायक और मंत्री जंतर-मंतर जाएंगे और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर धरने पर बैठेंगे। यह प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के लगातार चल रहे अभियान के तहत हो रहा है।

अगस्त 2019 में तत्कालीन राज्य के पुनर्गठन के बाद इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया गया था और राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया था।

एनसी लीडरशिप ने बार-बार कहा है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करने प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और जम्मू-कश्मीर के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए राज्य का दर्जा बहाल करना ज़रूरी है। उम्मीद है कि 20 जुलाई को होने वाले विरोध प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता इस मांग के समर्थन में शामिल होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता