केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में ‘फोक लिटरेचर’ पर थर्सडे माइंड मीट आयोजित

 


जम्मू, 16 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के सेंटर फॉर कंपेरेटिव रिलिजन एंड सिविलाइजेशंस (सीसीआरसी) द्वारा “भारतीय संस्कृति में लोक साहित्य और लोक परंपराओं का महत्व” विषय पर थर्सडे माइंड मीट का आयोजन किया गया जिसमें जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव जैन, पद्मश्री सम्मानित मोहन सिंह स्लाठिया, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो. ए.के. नंदा, भाषा संकाय की डीन एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. वंदना शर्मा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। निदेशक प्रो. निरंजना भंडारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

अपने संबोधन में प्रो. वंदना शर्मा ने बताया कि थर्सडे माइंड मीट विश्वविद्यालय में साप्ताहिक रूप से आयोजित होता हैजिसका उद्देश्य छात्रों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह छात्रों द्वारा संचालित होता है। पद्मश्री मोहन सिंह स्लाठिया ने जम्मू-कश्मीर की लोक संस्कृति और परंपराओं के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि डोगरा संस्कृति के विविध आयाम भारतीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। कार्यक्रम में छात्र पैनलिस्टों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। दीवांशु राठौर ने राजस्थान की संस्कृति, ऋषिता मनहास ने डोगरा आभूषणों के प्रतीकात्मक महत्व, अंकित कुशवाहा ने बिहार के छठ पर्व और राहुल कुमार ने हरियाणा की लोक संस्कृति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन हीनम भगत ने किया।

इस अवसर पर प्रो. दीपक पठानिया, प्रो. ऋचा कोठारी, डॉ. राज ठाकुर, डॉ. फारूक, डॉ. नीना विज, डॉ. अरविंद ऋतुराज, डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. अमिता गुप्ता और डॉ. जी.वी. स्निग्धा राज सहित कई शिक्षकों और शोधार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के शोधार्थियों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही जिससे यह आयोजन ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा