भारतीय सेना ने जम्मू के मीरान साहिब में पूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया
जम्मू , 30 अक्टूबर (हि.स.)। टाइगर डिवीजन ने आज मीरान साहिब में पूर्व सैनिकों (ईएसएम) के लिए एक बड़े पैमाने पर रैली का आयोजन किया। इसके माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण और भलाई के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
राइजिंग स्टार कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आकाश जौहर (एवीएसएम) ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस रैली में 1300 से अधिक पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इनमें 'वीर नारियां, 'वीर माताएं', वीरता पुरस्कार विजेता और युद्ध में हताहत हुए सैनिकों के परिजन शामिल थे।
इस कार्यक्रम ने पूर्व सैनिकों को भारतीय सेना के साथ फिर से जुड़ने और उनके कल्याण तथा सेवा संबंधी मुद्दों को हल करने वाली विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने का एक मंच प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान 45 'वीर नारियों', वीर माताओं' और वीरता पुरस्कार विजेताओं को उनके बलिदान, साहस और राष्ट्र के प्रति विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन लोगों के प्रति भारतीय सेना के गहरे सम्मान और कृतज्ञता को दर्शाता है जिन्होंने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को एक ही छत के नीचे सहायता, जानकारी और कल्याणकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई समर्पित स्टॉल और सुविधाएं लगाई गई थीं। इनमें आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन, डायरेक्टोरेट ऑफ इंडियन आर्मी वेटरन्स, नमन सेंटर, पीसीडीए जम्मू, डायरेक्टोरेट जनरल रीसेटलमेंट (उत्तर), रिकॉर्ड्स, आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस), वेटरन सहायता केंद्र, बैंक, यूनिट रन कैंटीन, स्मारिका दुकान (सवेनियर शॉप) और जम्मू-कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश) के विभिन्न विभागों (जैसे समाज कल्याण, उद्योग, एसकेयूएएसटी नेशनल करियर सर्विस, मिशन शक्ति और युवा विभाग) के स्टॉल शामिल थे।
रैली के हिस्से के रूप में सांस्कृतिक कार्यक्रम, हथियारों का प्रदर्शन और पाइप बैंड की प्रस्तुति भी आयोजित की गई। डायरेक्टोरेट ऑफ इंडियन आर्मी वेटरन्स वॉर वूंडेड फाउंडेशन, फ्रेमजी कावसजी इंस्टीट्यूट, सेल्फ लेस सर्विस सोसाइटी और रोटरी क्लब मुंबई ने पूर्व सैनिकों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें नौ मॉडिफाइड स्कूटी, छह मोटराइज्ड व्हीलचेयर, दस व्हीलचेयर, पांच हियरिंग एड (सुनने की मशीनें) और पांच वॉकिंग स्टिक (छड़ें) प्रदान की गईं साथ ही लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी दी गई।
पूर्व सैनिकों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के बीच के बंधन को और मजबूत किया साथ ही उनकी समस्याओं को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से सुलझाने का एक मंच भी प्रदान किया।
मीरान साहिब में आयोजित इस रैली की सफलता ने भारतीय सेना के उस शाश्वत आदर्श वाक्य को रेखांकित किया एक बार सैनिक, हमेशा सैनिक। साथ ही इसने इस बात को फिर से पुष्ट किया कि पूर्व सैनिकों की सेवा और बलिदान भारतीय सेना की विरासत और उसकी संस्थागत पहचान का एक अभिन्न हिस्सा हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता