भारत-तिब्बत सहयोग मंच ने विभिन्न विश्वविद्यालयों में बौद्धिक मंच के संयोजकों की नियुक्ति की

 


जम्मू, 06 अगस्त (हि.स.)। भारत-तिब्बत सहयोग मंच के बौद्धिक मंच ने देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नए संयोजकों और सह-संयोजकों की नियुक्ति की है। इस पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध, अकादमिक संवाद, भारत-तिब्बत सभ्यतागत संबंधों, हिमालयी अध्ययन, बौद्ध दर्शन, राष्ट्रीय एकता तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।

ये नियुक्तियां भारत-तिब्बत सहयोग मंच के बौद्धिक मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक एवं जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के अध्यक्ष डॉ. विवेक शर्मा के नेतृत्व में की गई हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बौद्धिक विमर्श को दिशा देने और भावी शोधकर्ताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नव-नियुक्त पदाधिकारी सेमिनार, व्याख्यान, शोध सहयोग, कार्यशालाओं, प्रकाशनों और छात्र सहभागिता कार्यक्रमों के माध्यम से मंच की गतिविधियों को नई गति देंगे।

नियुक्तियों के तहत केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, एकलव्य परिसर, अगरतला (त्रिपुरा) में बौद्ध अध्ययन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. ताशी नामग्याल को संयोजक तथा राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. रोहित शर्मा को सह-संयोजक बनाया गया है। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब, बठिंडा में समाजशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बाली बहादुर को संयोजक नियुक्त किया गया है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला में इतिहास विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. थुक्तन नेगी तथा लद्दाख विश्वविद्यालय के लेह परिसर स्थित सेंटर फॉर हिमालयन एंड ट्रांस-हिमालयन स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोनम जोलदान को भी बौद्धिक मंच का संयोजक नियुक्त किया गया है। मंच ने विश्वास व्यक्त किया कि इन नियुक्तियों से विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा हिमालयी अध्ययन, बौद्ध दर्शन, भारतीय सांस्कृतिक विरासत और भारत-तिब्बत संबंधों पर शोध एवं संवाद को नई दिशा मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा