पंजाबी भाषा को मान्यता देने की मांग पर सरकार शुरू करे सार्थक संवाद

 

जम्मू, 11 अक्टूबर (हि.स.)। बाबा बंदा सिंह बहादुर मेमोरियल ट्रस्ट, जम्मू-कश्मीर के चेयरमैन डॉ. सतवंत सिंह रिसम ने जम्मू-कश्मीर सरकार से पंजाबी भाषा को मान्यता देने और इसके प्रचार-प्रसार की मांगों पर समय रहते सार्थक संवाद शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनता की मांगों पर लगातार देरी से निराशा बढ़ सकती है और सरकार पर लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है।

डॉ. रिसम ने कहा कि सरकार को पंजाबी भाषी समुदायों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, भाषा विशेषज्ञों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को बातचीत में शामिल करना चाहिए।

संवाद के दौरान शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के व्यावहारिक उपायों के साथ इसे आधिकारिक मान्यता देने की मांग पर भी विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने चिंता जताई कि यह मुद्दा जम्मू-कश्मीर से बाहर पड़ोसी राज्यों में भी चर्चा का विषय बन रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार इस प्रक्रिया के समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करे, विचार-विमर्श की समयसीमा तय करे और प्राप्त सुझावों पर लिखित जवाब दे। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने और सकारात्मक तरीके से बातचीत में भाग लेने की अपील करते हुए उम्मीद जताई कि संवाद से इस मुद्दे का सम्मानजनक और स्थायी समाधान निकल सकेग।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा