कश्मीर के संभागीय आयुक्त ने फल उत्पादकों से किफायती परिवहन के लिए रेल माल ढुलाई सेवाओं का लाभ उठाने का किया आग्रह

 

श्रीनगर, 31 अगस्त (हि.स.)। बागवानी उत्पादों, विशेष रूप से सेबों को विभिन्न घरेलू मंडियों और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक किफायती और परेशानी मुक्त परिवहन की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संभागीय आयुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग ने आज फल उत्पादकों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों से रेल माल और माल ढुलाई सेवाओं का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया।

संभागीय आयुक्त कश्मीर से बागवानी उत्पादों के परिवहन के लिए रेल माल ढुलाई सेवाओं के उपयोग की समीक्षा हेतु आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक में कश्मीर के आईजीपी ट्रैफिक, एम. सोलेमान चौधरी, उपायुक्त, बागवानी योजना एवं विपणन निदेशक, गुलाम जीलानी जरगर, उत्तरी रेलवे, उद्योग एवं वाणिज्य और सूचना विभागों के अधिकारियों के अलावा विभिन्न फल संघों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक के दौरान संभागीय आयुक्त ने सभी उपायुक्तों और बागवानी योजना एवं विपणन निदेशक को फल उत्पादकों, व्यापारियों, संघों और समुच्चयकर्ताओं के साथ परामर्श करने का निर्देश दिया ताकि रेल माल ढुलाई सेवाओं का व्यापक और अधिक किफायती उपयोग प्रोत्साहित किया जा सके।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लंबी दूरी के गंतव्यों के लिए रेल परिवहन का अधिकाधिक उपयोग किया जाना चाहिए क्योंकि यह बागवानी उत्पादों की बड़ी मात्रा के परिवहन के लिए एक किफायती और कुशल विकल्प प्रदान कर सकता है। उन्होंने बागवानी योजना एवं विपणन निदेशक को यह भी निर्देश दिया कि उपज की सुचारू आवाजाही के लिए फल उत्पादकों, व्यापारियों, संघों और रेलवे अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

संभागीय आयुक्त ने जबलीपोरा मंडी अनंतनाग से बागवानी उत्पादों के परिवहन को अधिकतम करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों से रेल सेवाओं के माध्यम से फलों की खेपों के एक निश्चित प्रतिशत के परिवहन की संभावना तलाशने और उसे सुगम बनाने का भी निर्देश दिया।

रोल-ऑन/रोल-ऑफ (आरओ-आरओ) सेवा पर चर्चा करते हुए संभागीय आयुक्त ने उत्तरी रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फल संघों के साथ एक सूचनात्मक वीडियो साझा करें जिसमें ट्रकों के लिए निर्धारित तकनीकी मापदंडों, जैसे कि अनुमेय भार ऊंचाई और अन्य आवश्यकताओं, को उजागर किया गया हो ताकि इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

सड़क मार्ग से फलों के परिवहन के संबंध में संभागीय आयुक्त कश्मीर और आईजीपी ट्रैफिक कश्मीर दोनों ने फल संघों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनुमेय भार सीमा के पालन के संबंध में ट्रक चालकों को व्यापक रूप से जागरूक करने का निर्देश दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ओवरलोडिंग न केवल निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन है बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि निर्धारित भार सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न फल संघों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए और बागवानी क्षेत्र के लिए परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने हेतु दीर्घकालिक समाधानों की मांग की जिसमें फल मंडियों को रेलवे नेटवर्क से बेहतर ढंग से जोड़ना शामिल है।

प्रतिनिधियों ने फल उद्योग को प्रशासन द्वारा निरंतर समर्थन और सुविधा प्रदान करने के लिए आभार भी व्यक्त किया।

इससे पहले बागवानी योजना एवं विपणन निदेशक ने कश्मीर में सेब उत्पादन, मौजूदा परिवहन व्यवस्था और बागवानी उत्पादों के परिवहन के लिए रेलवे माल और माल ढुलाई सेवाओं के उपयोग के आर्थिक लाभों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता