कश्मीर के शिक्षा निदेशालय ने सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के साथ-साथ कोचिंग केंद्रों में मौजूद सभी पुस्तकों की व्यापक समीक्षा का दिया आदेश

 

श्रीनगर, 09 जुलाई (हि.स.)। कश्मीर के शिक्षा निदेशालय ने सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के साथ-साथ कोचिंग केंद्रों में मौजूद सभी पुस्तकों की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिसर में आपत्तिजनक सामग्री न हो।

6 जुलाई, 2026 को जारी परिपत्र संख्या 2-डीएसईके 2026 के अनुसार सभी संस्थानों के प्रधानाध्यापकों को कार्यालयों, कक्षाओं, स्टाफ रूम और विद्यालय पुस्तकालयों में उपलब्ध पुस्तकों की जांच करने का निर्देश दिया गया है जिसमें हाल ही में प्राप्त और पुरानी पुस्तकें भी शामिल हैं।

परिपत्र में कहा गया है कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पुस्तक में ऐसी सामग्री न हो जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए, छात्रों के लिए अनुपयुक्त हो, प्रचलित कानूनों के विरुद्ध हो, राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुंचाए या शैक्षिक मूल्यों और स्थापित मानदंडों को प्रभावित करे। सभी सामग्री राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आयु-उपयुक्त दिशानिर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि कोई आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है तो विद्यालय शिक्षा निदेशालय पुस्तक का शीर्षक, प्रकाशन वर्ष, लेखक और प्रकाशक का नाम और पुस्तकों की संख्या का उल्लेख करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा।

संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे इस प्रक्रिया को पूरी सावधानी से पूरा करें और 13 जुलाई, 2026 तक संबंधित मुख्य शिक्षा अधिकारी/क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी को अनुपालन रिपोर्ट/प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें।

प्रमाणपत्र में यह उल्लेख होना चाहिए कि सभी पुस्तकों की गहन समीक्षा की गई है, हमारी जानकारी के अनुसार कोई आपत्तिजनक सामग्री मौजूद नहीं है, और पुस्तकालय की पुस्तकें एनईपी-2020 दिशानिर्देशों और संबंधित कानूनों के अनुरूप हैं। यदि कोई आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है तो उसी समय सीमा के भीतर मुख्य शिक्षा अधिकारी/क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी को एक सारांश और रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों और कोचिंग केंद्रों से प्राप्त रिपोर्टों की जांच और संकलन करेंगे और 15 जुलाई, 2026 तक संबंधित मुख्य शिक्षा अधिकारी को एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

कश्मीर मंडल के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे 17 जुलाई, 2026 तक प्रमाणपत्र और रिपोर्ट (यदि कोई हो) निदेशालय को प्रस्तुत करें। मुख्य शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और प्रस्तुत करने से पहले प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करें। डीएसईके के संयुक्त निदेशक (केंद्रीय/उत्तर/दक्षिण), डीएसईके के अतिरिक्त सचिव (कानून) और डीएसईके के ओएसडी (सीईडब्ल्यू) की एक समिति जिलों से प्रमाणन रिपोर्ट एकत्र करेगी और 19 जुलाई, 2026 तक निदेशालय को एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

निदेशालय ने चेतावनी दी है कि अनुपालन में किसी भी प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा और लागू नियमों के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता