राजौरी के उपायुक्त ने कौशल विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा की
राजौरी, 11 सितंबर(हि.स.)। राजौरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने आज जिला कौशल समिति की अध्यक्षता में कौशल विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा की और जिले में कौशल आधारित आजीविका और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
बैठक में विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों, बाजार की मांग और उभरते रोजगार के अवसरों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया।
मत्स्य विभाग को मिशन युवा के तहत तालाब आधारित मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए पात्र लाभार्थियों की पहचान करने के लिए कहा गया जबकि ग्रामीण विकास विभाग चिन्हित लाभार्थियों के लिए तालाबों के निर्माण में सहायता करेगा।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में मूल्यवर्धन, उद्यमिता और स्थायी आय सृजन को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक स्तर पर दूध प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
उपायुक्त ने कृषि और संबद्ध विभागों को अपने विभागों के लाभार्थियों के कौशल को बढ़ाने की योजनाओं पर काम करने का निर्देश दिया ताकि बाजार की मांग को पूरा किया जा सके। उन्होंने नई तकनीक के अनुरूप नवोन्मेषी विचारों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
सीमावर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास संबंधी पहलों पर चर्चा करते हुए, बैठक में इन क्षेत्रों के युवाओं को उपयुक्त प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रदान करने के लिए रेड क्रॉस के साथ सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया गया।
उपायुक्त ने कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के कार्यक्षेत्र और कार्यप्रणाली की समीक्षा की और उनकी पहुंच को मजबूत करने तथा पाठ्यक्रमों को उभरती बाजार आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर बल दिया।
उभरती प्रौद्योगिकियों की क्षमता पर प्रकाश डालते हुए, उपायुक्त ने युवाओं के लिए भविष्योन्मुखी प्रशिक्षण पहलों के तहत एआई-आधारित वीडियो निर्माण और अन्य डिजिटल कौशल विकसित करने पर जोर दिया।
निदेशक ने संबंधित विभागों को घनिष्ठ समन्वय सुनिश्चित करने, नवोन्मेषी आजीविका के अवसरों की पहचान करने और कौशल विकास कार्यक्रमों को अधिक परिणामोन्मुखी बनाने का निर्देश दिया ताकि प्रशिक्षित युवा स्थायी रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों तक पहुंच सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता