खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त सचिव ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की

 

श्रीनगर, 5 नवंबर(हि.स.)। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त सचिव सौरभ भगत ने आज जम्मू और कश्मीर में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न विभागीय पहलों के कामकाज और प्रगति का आकलन करने के लिए एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में एफसीएस और सीए, जम्मू के महानिदेशक राजेश कुमार शावन, भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक, सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक संजय गुप्ता, प्रत्येक जिले के उपायुक्त और सहायक निदेशक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे।

एफसीएस और सीए जम्मू के महानिदेशक ने संबंधित जिलों के सहायक निदेशकों के साथ विभागीय गतिविधियों की नवीनतम स्थिति पर बिंदुवार प्रस्तुति दी। इनमें खाद्यान्न की ढुलाई और वितरण, छह महीने और तीन महीने की आवश्यकताओं के लिए शीतकालीन भंडार भंडारण, आधार आधारित ई-केवाईसी, चेहरे की पहचान,सीबीडीसी कार्यान्वयन और अन्य प्राथमिकता वाले मुद्दे शामिल थे।

विचार-विमर्श के दौरान आयुक्त सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिकूल मौसम की शुरुआत से पहले ही खाद्यान्न की शीघ्र ढुलाई और वितरण सुनिश्चित करें, विशेष रूप से आगामी सर्दियों और खराब मौसम के कारण व्यवधान की संभावना को देखते हुए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छह महीने और तीन महीने दोनों के शीतकालीन भंडार की व्यवस्था निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने एफसीआई अधिकारियों से विभाग को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आयुक्त सचिव ने संबंधित जिला प्रशासनों को उन दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया जहां वर्तमान में पेट्रोल पंप की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने तेल विपणन कंपनियों के साथ परामर्श करके, विभागीय स्वामित्व वाले पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए उपयुक्त तौर-तरीके तैयार करने को कहा ताकि आम जनता को विशेष रूप से आपात स्थितियों और अन्य आवश्यक परिस्थितियों के दौरान सुविधा मिल सके।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा परियोजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए आयुक्त सचिव ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुसार इसके समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। यह सूचित किया गया कि परियोजना का प्रायोगिक कार्यान्वयन जम्मू और श्रीनगर जिलों में 15 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाला है, इसके बाद सांबा, कठुआ और उधमपुर जिलों में 30 नवंबर, 2026 तक और फिर पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 31 दिसंबर, 2026 तक इसे लागू किया जाएगा।

सौरभ भगत ने जिला प्रशासनों और सहायक निदेशकों को आवश्यक आधारभूत कार्य, लाभार्थी डेटा तैयार करने और कार्यान्वयन से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं को समय से पहले पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने एनआईसी और पीएनबी अधिकारियों से लाभार्थी डेटा सत्यापन और श्वेतसूचीकरण में तेजी लाने के साथ-साथ उचित मूल्य दुकान डीलरों के लिए लॉगिन आईडी बनाने का भी आग्रह किया, ताकि परियोजना को समय सीमा के भीतर लागू किया जा सके। उन्होंने पीएनबी अधिकारियों से संबंधित हितधारकों के सुचारू रूप से शामिल होने और क्षमता निर्माण के लिए जम्मू जिले के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने का आग्रह किया।

आयुक्त सचिव ने एनएफएसए लाभार्थियों के आधार-आधारित ई-केवाईसी की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासनों को सभी छूटे हुए लाभार्थियों के ई-केवाईसी को पूरा करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने उचित मूल्य की दुकानों पर पारदर्शिता बढ़ाने और सुचारू प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए चालू माह के वितरण चक्र से फेस ऑथेंटिकेशन एप्लिकेशन के कार्यान्वयन पर जोर दिया।

सौरभ भगत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिलों में विशेष ई-केवाईसी शिविर आयोजित करें और लाभार्थी सत्यापन की व्यापकता सुनिश्चित करें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जिन जिलों में 95% या उससे अधिक ई-केवाईसी कवरेज प्राप्त होगा, उनकी सराहना की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस समग्र प्रगति से विभाग को सार्थक पीडीएस परियोजना के तहत नवाचारों के लिए अतिरिक्त निधि और समर्थन हेतु भारत सरकार से इस मामले को उठाने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि लाभार्थियों का वास्तविक और सही सत्यापन आवश्यक है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। प्रवासी राशन कार्ड धारकों के ई-केवाईसी की स्थिति की भी समीक्षा की गई और लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण के प्रयासों के अंतर्गत, आयुक्त सचिव ने सभी जिला प्रशासनों को एमजीएनआरईजीए और अन्य लागू योजनाओं से संबंधित अभिसरण योजना के तहत आधुनिकीकरण के लिए प्रत्येक जिले में पांच उचित मूल्य की दुकानों की पहचान करने का निर्देश दिया।

सौरभ भगत ने जिला प्रशासनों को निर्देश दिया कि वे अतिरिक्त अन्न भंडार और सरकारी भंडारण गोदामों की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करें, विशेष रूप से दूरस्थ, दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि इससे आपात स्थितियों और अन्य संकटों के दौरान आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता