लद्दाख के मुख्य सचिव ने 21 नवंबर को होने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की
लेह, 28 अक्टूबर (हि.स.)। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने केंद्र शासित प्रदेश में 21 नवंबर को होने वाले पंचायत और नगरपालिका चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की है। 193 पंचायतों के लिए मतदान होगा और यह प्रक्रिया 30 नवंबर तक पूरी हो जाएगी। लेह और करगिल में नगरपालिका चुनाव कराए जाएंगे।
लद्दाख में पिछली बार पंचायत और नगरपालिका चुनाव 2018 में हुए थे और दोनों का कार्यकाल नवंबर 2023 में समाप्त हो गया था। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि लेह में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव कुंद्रा ने चुनाव की तैयारियों, कामकाज से जुड़ी व्यवस्थाओं और लॉजिस्टिक जरूरतों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सटीक योजना बनाने, विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखने और जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने पर जोर दिया। इस बैठक में पुलिस महानिदेशक आनंद जैन, ग्रामीण विकास विभाग की सचिव निधि मलिक, वित्त सचिव त्सेवांग थारचिन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राहुल शर्मा शामिल हुए।
प्रवक्ता ने बताया कि कुंद्रा ने चुनाव प्रक्रिया के हर चरण में संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा की। इसमें नामांकन प्रक्रिया, चुनाव सामग्री और मतपेटियों की उपलब्धता, मतदान कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण तथा मतदान दलों की तैनाती के शेड्यूल की तैयारी जैसे पहलू शामिल थे।
उन्होंने नामांकन और शिकायतों की रोज़ाना निगरानी करने, चुनाव से जुड़ी रिपोर्ट समय पर जमा करने और संबंधित चुनाव अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चुनाव के लिए ज़रूरी सभी सामग्री और पोलिंग किट का इंतज़ाम पहले से कर लिया जाए और उन्हें समय रहते भेज दिया जाए।
प्रवक्ता के अनुसार लॉजिस्टिक से जुड़ी चुनौतियों—खासकर दूर-दराज़ और बर्फ से ढके इलाकों—को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऐसे मतदान केंद्रों की पहचान करने को कहा जहाँ पहुँचने में दिक्कत आ सकती है। साथ ही उन्होंने इन स्थितियों से निपटने के लिए उचित आकस्मिक योजनाएँ तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं में सड़क और मौसम की स्थिति, बर्फ हटाने के इंतज़ाम, वैकल्पिक रास्ते, ज़रूरत पड़ने पर मतदान दलों को पहले से रवाना करना और भोजन, हीटिंग, ठहरने की जगह तथा संचार के पर्याप्त इंतज़ाम शामिल होने चाहिए।
कुंद्रा ने परिवहन की ज़रूरतों का पहले से आकलन करने पर भी ज़ोर दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मतदान कर्मी सुरक्षित और तय समय पर अपने निर्धारित केंद्रों तक पहुँच सकें।
प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में ज़िला और ब्लॉक स्तर पर 'स्ट्रॉन्ग रूम' (जहाँ मतपेटियाँ रखी जाती हैं) और मतगणना केंद्रों की पहचान तथा उनकी सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने चुनाव सामग्री को सुरक्षित रखने, पुलिस विभाग के साथ मिलकर पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम करने और मतदान दलों की आवाजाही तथा तैनाती के लिए उचित योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा उन्होंने मैनपावर के सही इस्तेमाल, चुनाव ड्यूटी में शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तैनाती, प्रशिक्षण शेड्यूल, मतदान दलों को रवाना करने की प्रक्रिया कानून-व्यवस्था, आबकारी इंतज़ामों और बॉर्डर पोस्ट पर समन्वय से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की।
कुंद्रा ने ज़िला-वार तरीके से खर्च, लॉजिस्टिक की ज़रूरतों और चुनावी तैयारियों का समन्वित आकलन करने को कहा साथ ही उन्होंने मतदान दलों की आवाजाही की योजनाओं और रिपोर्टिंग फॉर्मेट को समय रहते अंतिम रूप देने का निर्देश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता