भाजपा ने फारूक अब्दुल्ला की कश्मीरी हिंदुओं के पलायन और लक्षित हत्याओं में भूमिका की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से जांच की मांग
जम्मू, 03 सितंबर (हि.स.)। भाजपा जम्मू-कश्मीर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिल रही आतंकी धमकियों के लिए पुलिस और सुरक्षा तंत्र पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के पूर्व एमएलसी एवं प्रवक्ता जीएल रैना ने मांग की कि कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ हुई लक्षित हिंसा, हत्याओं और 1989-90 के पलायन की परिस्थितियों की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए।
रैना ने कहा कि यदि फारूक अब्दुल्ला वर्तमान प्रशासन के कार्यकाल में पुलिस एवं सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं तो उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुई घटनाओं की भी उसी कसौटी पर जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ लक्षित हिंसा, हत्याओं और भय के माहौल से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
भाजपा ने मांग की कि जांच में केवल हमलों के प्रत्यक्ष आरोपियों तक सीमित न रहते हुए तत्कालीन प्रशासनिक परिस्थितियों, संभावित राजनीतिक दबाव, सुरक्षा तंत्र की विफलताओं और अन्य संबंधित पहलुओं को भी शामिल किया जाए। रैना ने कहा कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को कानून और जांच से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा