नटरंग के मंच पर गूंजा ‘तीन अपाहिज’, सामाजिक विसंगतियों पर किया तीखा प्रहार

 


जम्मू, 31 मई (हि.स.)। नटरंग द्वारा हिंदी के प्रतिष्ठित नाटककार डॉ. विपिन कुमार अग्रवाल द्वारा लिखित और नीरज कांत के निर्देशन में तैयार नाटक ‘तीन अपाहिज’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक ने अपनी प्रतीकात्मक प्रस्तुति और विचारोत्तेजक कथानक के माध्यम से दर्शकों को सामाजिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक व्यवस्था की विसंगतियों पर गंभीर चिंतन करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर नटरंग के निदेशक एवं पद्मश्री सम्मानित रंगकर्मी बलवंत ठाकुर ने कहा कि देश के प्रमुख साहित्यकारों द्वारा लिखे गए ऐसे बौद्धिक नाटक कलाकारों और दर्शकों दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि इन नाटकों के मंचन और अवलोकन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि समाज में स्वस्थ साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण हो सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नटरंग 5 जून 2026 से नटरंग स्टूडियो थिएटर में 40 दिवसीय बाल रंगमंच शिविर का आयोजन करेगा।

नाटक की कहानी एक चौराहे पर स्थापित है जहां कल्लू, खल्लू और गल्लू नामक तीन पात्र एक लैम्प पोस्ट के नीचे बैठे हुए समाज और व्यवस्था पर टिप्पणियां करते नजर आते हैं। नाटककार ने इन पात्रों के माध्यम से दिशा-विहीन राजनीतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए यह दिखाने का प्रयास किया है कि भ्रष्टाचार, निष्क्रियता और भ्रम ने युवाओं को असहाय बना दिया है। स्वतंत्रता, नेतृत्व, भारतीयता, भाषा और वर्ग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद होते हैं लेकिन उनमें व्याप्त निरर्थकता समाज की बढ़ती संवेदनहीनता और सामूहिक विकलांगता की ओर संकेत करती है।

नाटक में कलाकार निक्षय महाजन, मोहित सिंह, अर्नव धोतरा, गौतम रत्तन और आकाश वाधवान ने प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया। नाटक की प्रकाश व्यवस्था नीरज कांत ने तैयार की जबकि प्रस्तुति संचालन महिक्षित सिंह ने किया।

दर्शकों ने नाटक की विषयवस्तु और कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए इसे एक विचारोत्तेजक प्रस्तुति बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा