दहशत फैलने से पहले जम्मू-कश्मीर के छात्रों को ईरान छोड़ देना चाहिए: फारूक अब्दुल्ला
श्रीनगर, 24 फरवरी (हि.स.)। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को ईरान में पढ़ रहे जम्मू और कश्मीर के छात्रों से तुरंत देश छोड़ने का आग्रह किया, क्योंकि हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद उन्हें निकालना मुश्किल होगा।
दरअसल, भारतीय दूतावास ने अपने नवीनतम परामर्श में अपने नागरिकों से उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करके ईरान छोड़ने को कहा है। यह परामर्श ईरान में शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर जारी किया गया है, जो जनवरी में सरकार विरोधी रैलियों में मारे गए लोगों की याद में आयोजित 40 दिवसीय श्रद्धांजलि सभा के बाद हुए थे।
अब्दुल्ला ने कहा कि छात्रों को अपने माता-पिता के घबराने से पहले ही अपना सामान पैक करके ईरान छोड़ देना चाहिए। अन्यथा कल जब हवाई क्षेत्र बंद होगा तो उनके माता-पिता घबरा सकते हैं। एनसी अध्यक्ष शहर के बाहरी इलाके सौरा में पार्टी के पूर्व महासचिव शेख नज़ीर अहमद की ग्यारहवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम को भी सफलता की शुभकामनाएं दीं।
फिल्म 'केरल स्टोरी 2' के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि हम अपने मीडिया पर भरोसा नहीं कर सकते। यह झूठ पर आधारित है और सरकार द्वारा दबा हुआ है। इसलिए इसके सामने बोलने का कोई महत्व नहीं है। सबसे पहले मीडिया को अपनी ईमानदारी मजबूत करनी चाहिए। जब तक वे अपनी ईमानदारी मजबूत नहीं करेंगे, लोग उन पर भरोसा नहीं करेंगे। एनसी प्रमुख ने कहा कि अहमद ने पार्टी के लिए बहुत बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय राष्ट्रीय पार्टी के एक मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने महासचिव के रूप में पार्टी को सुदृढ़ कियाबजिसकी सफलता आप आज देख रहे हैं। ईश्वर की कृपा से मुझे आशा है कि यह पार्टी अपने संस्थापकों की परिकल्पना के अनुसार आगे भी चलती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह