पहाड़ी राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्लीपर बसों पर लगी रोक, यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला
जम्मू, 02 मई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्लीपर कोच बसों के संचालन को लेकर अहम आदेश जारी किया है।
परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उधमपुर, अखनूर और कटरा से आगे के राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्लीपर बसों के संचालन की व्यवहार्यता को लेकर विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण एजेंसियों से सुझाव मांगे गए थे। इस संबंध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जम्मू-कश्मीर ने अपनी तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उधमपुर-रामबन-बनिहाल मार्ग (एनएच-44) पर तीखे मोड़, खड़ी ढलान और संकरी सड़कें मौजूद हैं।
इस मार्ग का बड़ा हिस्सा अभी भी दो लेन का है जिससे बड़े आकार की स्लीपर कोच बसों का संचालन जोखिम भरा हो सकता है। इसी कारण एनएचएआई ने इस मार्ग पर स्लीपर बसों के संचालन की सिफारिश नहीं की है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धाराओं 72, 84 और 86 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर स्लीपर कोच बसों के संचालन को नियंत्रित किया जाएगा। यह फैसला खासतौर पर उन यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो रोजाना इन दुर्गम पहाड़ी मार्गों से सफर करते हैं।
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकेगा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया