जम्मू-कश्मीर में छह महीने से कम बारिश का सिलसिला जारी

 

जम्मू,, 09 मई (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर में लगातार घटती बारिश ने संभावित जल संकट को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले छह महीनों से केंद्र शासित प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है जिससे पेयजल, कृषि और बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में जम्मू-कश्मीर में सामान्य 99.6 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 86.5 मिमी बारिश दर्ज की गई जो 13 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में भी यही स्थिति बनी रही तो दूरदराज इलाकों में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण कश्मीर के कई जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। शोपियां में 67 प्रतिशत, कठुआ में 60 प्रतिशत, अनंतनाग में 46 प्रतिशत, कुलगाम में 39 प्रतिशत और पुलवामा में 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। वहीं श्रीनगर में भी सामान्य से 32 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नदियों और जलधाराओं के जलस्तर में गिरावट से जलविद्युत उत्पादन पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। लगातार सात वर्षों से सर्दियों में सामान्य से कम बर्फबारी और बारिश होने के कारण स्थिति और गंभीर मानी जा रही है।

उन्होंने सरकार से जल संरक्षण, जल प्रबंधन और भविष्य की तैयारी के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है ताकि संभावित संकट से निपटा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता