एसआईए ने तस्करी और साइबर फ्रॉड के मामले में दक्षिण कश्मीर में 2 घरों की तलाशी ली
श्रीनगर, 01 अक्टूबर (हि.स.)।
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) कश्मीर ने गुरुवार को कुलगाम और काजीगुंड में दो घरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई कथित मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क के सिलसिले में की गई।
जारी एक बयान में प्रवक्ता ने कहा कि संगठित अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एसआईए कश्मीर ने गुलाम नबी खांडे (उर्फ चार्ली, उर्फ मोहसिन, उर्फ जेरी खान निवासी बुंगम चेवगाम, कुलगाम) और आशिक हुसैन शेख (निवासी बागपोरा यार खुशीपोरा, काजीगुंड) के घरों की तलाशी ली।
उन्होंने कहा कि यह तलाशी एक गंभीर और संगठित नेटवर्क की चल रही जांच का हिस्सा है। यह नेटवर्क कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने ले जाता था और फिर म्यांमार में साइबर फ्रॉड के कामों में उनका शोषण करता था।
प्रवक्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन सुबह किया गया। इसके लिए सक्षम अदालत ने एसआईए कश्मीर पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 01/2026 के सिलसिले में सर्च वारंट जारी किए थे। तलाशी के दौरान एसआईए ने मोबाइल फोन, पहचान से जुड़े दस्तावेज़, पैन कार्ड, पासपोर्ट और नौकरी के एग्रीमेंट जैसी आपत्तिजनक सामग्री ज़ब्त की। इन चीज़ों की जांच चल रही है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से एक कथित तरीका (मॉडस ऑपरेंडी) सामने आया है जिसमें स्थानीय मददगार विदेशी हैंडलर्स के साथ मिलकर कमज़ोर और बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देते थे। पीड़ितों को कथित तौर पर थाईलैंड के रास्ते म्यांमार के म्यावाडी इलाके में ले जाया जाता था जहाँ उनका शोषण किया जाता था और उन्हें साइबर स्कैम के कामों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था।
प्रवक्ता ने कहा कि मामले के नए पहलू बताते हैं कि इसमें कई इलाकों में फैला एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल है जिसमें पीड़ितों की भर्ती, उन्हें ले जाना, मदद करना और उनका शोषण करना शामिल है। इसलिए पूरे नेटवर्क, उसके स्थानीय और विदेशी संपर्कों और इसके कामकाज में मदद करने वाले वित्तीय और लॉजिस्टिकल चैनलों की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है। जांच में राष्ट्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी सहयोग मांगा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह