जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में कई सुरक्षा और आपदा राहत एजेंसियों ने एकसाथ की मॉक ड्रिल

 

Jammu, 23 जून (हि.स.)। अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के तहत मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में कई सुरक्षा और आपदा राहत एजेंसियों ने एकसाथ मॉक ड्रिल की।

57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने वाली है। अधिकारियों ने बताया कि इस बड़े परिसर में सुबह 8 बजे शुरू हुई इस ड्रिल में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) ने हिस्सा लिया।

जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य बेस कैंप का काम करता है। यहां से वे कश्मीर जाकर 3,880 मीटर ऊंचे उस पवित्र स्थल के दर्शन करते हैं जहां प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग मौजूद है। यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को बेस कैंप से दो रास्तों पर रवाना किया जाएगा — दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम रूट और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर छोटा लेकिन खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल रूट।

अधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में आपातकालीन स्थितियों का अभ्यास किया गया ताकि इसमें शामिल एजेंसियों की तैयारी, आपसी तालमेल और प्रतिक्रिया देने की क्षमता को परखा जा सके।

उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के दौरान ड्रोन समेत निगरानी के आधुनिक उपकरण तैनात किए गए जबकि तोड़-फोड़ विरोधी और इलाके की सुरक्षा जांच के लिए डॉग स्क्वॉड का इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का मकसद सालाना तीर्थयात्रा से पहले सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करना और तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना था।

उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल, भीड़ को संभालने, आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और आतंकी हमले का मुकाबला करने जैसे उपायों पर ध्यान दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता