अमरनाथ यात्रा से पहले वरिष्ठ अधिकारियों ने रणनीतिक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की

 

जम्मू, 09 जून (हि.स.)। 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा से पहले वरिष्ठ अधिकारियों ने रणनीतिक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। यह राजमार्ग कश्मीर घाटी की ओर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं का मुख्य मार्ग है।

मंगलवार को एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती ने चंदरकोट स्थित यात्री निवास में आवास, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। यात्री निवास चंदरकोट में व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कुमार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे शेष कार्यों को पूरा करें और 20 जून से पहले सभी आवश्यक सुविधाएं स्थापित करें। प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने चिन्हित स्थानों पर पर्याप्त शौचालय इकाइयों की स्थापना, उचित स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त बिस्तर क्षमता और लंगर सुविधाओं के कुशल प्रबंधन पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि रामबन जिले में नाशरी से बनिहाल तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के चार लेन परियोजना की प्रगति का आकलन करने के अलावा उन्होंने चंदरकोट, यात्रा शिविर लंबर और मार्ग के किनारे अन्य निर्धारित स्थानों पर लंगर स्थलों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। प्रवक्ता ने बताया कि रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अलियास खान ने कुमार और तूती को 3 जुलाई से शुरू होने वाली 3,880 मीटर ऊँची पवित्र गुफा तीर्थस्थल की वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए किए गए व्यापक इंतजामों के बारे में जानकारी दी। कुमार ने एसडीआरएफ को यात्रा अवधि के दौरान किसी भी स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश भी दिया। उन्होंने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग को प्रमुख स्थानों पर आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए अग्निशमन दल और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखने का निर्देश दिया।

कुमार ने पहलगाम और बाल्टल जाने वाले दोनों तीर्थयात्रा काफिलों के समय और आवागमन योजना की भी समीक्षा की। यात्रा शिविर लंबर में तैयारियों का जायजा लेते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को काम में तेजी लाने और 20 जून तक सभी लंबित व्यवस्थाओं को पूरा करने का निर्देश दिया।

प्रवक्ता ने बताया कि संभागीय आयुक्त ने सड़क और सुरंग निर्माण परियोजनाओं की भी समीक्षा की और एनएचएआई के परियोजना निदेशक को डिगडूल-पंथ्याल सुरंग खंड, मगरकोट-रामसू वायडक्ट और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं पर चल रहे कार्यों में तेजी लाने और उन्हें पूरा करने का निर्देश दिया। कुमार और तूती ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत चर्चा की और वार्षिक तीर्थयात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए समन्वय और उपायों पर जोर दिया। प्रवक्ता ने बताया कि संभागीय आयुक्त ने उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता