“आरक्षण संवैधानिक अधिकार है, कोई खैरात नहीं”: नरिंदर दत्त

 

जम्मू,, 07 सितंबर (हि.स.)।

जम्मू में एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक अधिकार मंच ने प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताया। मंच के चेयरमैन नरिंदर दत्त ने कहा कि आरक्षण कोई खैरात नहीं बल्कि सामाजिक भेदभाव, ऐतिहासिक पिछड़ेपन और सामाजिक अन्याय को दूर करने का संवैधानिक माध्यम है। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से आरक्षित वर्गों के पदोन्नति और ट्रांसफर से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई की अपील की। नरिंदर दत्त ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से जम्मू-कश्मीर में एससी आरक्षण को मौजूदा 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की मांग की। आर्थिक आधार पर आरक्षण समाप्त करने की मांग पर उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव समाप्त होने तक सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण की आवश्यकता बनी रहेगी। उन्होंने आरक्षित वर्गों से आने वाले डॉक्टरों, इंजीनियरों और अन्य पेशेवरों की योग्यता पर सवाल उठाने को भी अनुचित बताया और कहा कि प्रवेश के बाद सभी विद्यार्थी समान पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और परीक्षाओं से गुजरते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता