साहित्य अकादमी पुरस्कार जम्मू-कश्मीर के उभरते लेखकों और कवियों को प्रेरित करेगा: बलबीर

 

जम्मू, 17 मार्च (हि.स.)।

भाजपा प्रवक्ता और पूर्व उपाध्यक्ष बलबीर राम रतन ने जम्मू-कश्मीर के तीन प्रतिष्ठित साहित्यकारों - खजूर सिंह ठाकुर (डोगरी), अली शाहिदा (कश्मीरी) और प्रीतपाल सिंह बेताब (उर्दू) - को प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 के लिए चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने उनके चयन को केंद्र शासित प्रदेश के लिए अपार गर्व का क्षण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की राष्ट्रीय मान्यता न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता को सम्मानित करती है बल्कि पूरे क्षेत्र के उभरते लेखकों और कवियों के लिए एक मजबूत प्रेरणा का स्रोत भी है।

उन्होंने कहा कि साहित्य हमेशा से सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने सद्भाव को बढ़ावा देने और समाज की सामूहिक चेतना को प्रतिबिंबित करने का एक सशक्त माध्यम रहा है। पुरस्कार विजेताओं के व्यक्तिगत योगदान पर प्रकाश डालते हुए रतन ने कहा कि डोगरी साहित्य में खजूर सिंह ठाकुर के कार्यों ने क्षेत्रीय भाषाई विरासत को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत किया है।

उन्होंने आगे कहा कि अली शैदा की कश्मीरी भाषा में लिखी रचनाएँ लोगों की भावनाओं और आकांक्षाओं को जीवंत रूप से दर्शाती हैं जबकि प्रीतपाल सिंह बेताब का उर्दू साहित्य में योगदान अपनी भावनात्मक गहराई और बौद्धिक समृद्धि के लिए उल्लेखनीय है। बलबीर राम रतन ने आगे कहा कि इन तीन प्रख्यात लेखकों का इतने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन जम्मू और कश्मीर की जीवंत साहित्यिक संस्कृति की मान्यता भी है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी उपलब्धियाँ युवा पीढ़ी को साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता