जम्मू-कश्मीर में सदक़ा-उल-फ़ितर की राशि 80 रुपये तय की गई: ग्रैंड मुफ़्ती

 

श्रीनगर 26 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती, मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम ने गुरुवार को घोषणा की कि 2026 के लिए सदक़त-उल-फितर की राशि प्रति व्यक्ति 80 रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने मुसलमानों से ईद-उल-फितर की नमाज़ से पहले इस दायित्व को पूरा करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि ज़कात-उल-फितर हर मुसलमान के लिए अनिवार्य है जिसमें पुरुष, महिलाएं और शिशु भी शामिल हैं। माता-पिता को नाबालिग बच्चों की ओर से भुगतान करना होगा जबकि वयस्क बच्चे स्वयं इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पति अपनी पत्नी की सहमति के बिना उसकी ओर से भुगतान नहीं कर सकता। मुफ्ती ने बताया कि यह राशि आधे सा' गेहूं के मूल्य पर आधारित है जिसकी गणना 77 रुपये की गई है और एहतियात के तौर पर इसे 80 रुपये तक पूर्णांकित किया गया है। धनी व्यक्ति निर्धारित राशि के बजाय गेहूं, नकद, खजूर, किशमिश या अन्य स्वीकृत खाद्य पदार्थों के रूप में सदक़त-उल-फितर दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि दान की राशि स्थानीय समुदायों के भीतर गरीबों, बेसहारा लोगों, जरूरतमंद रिश्तेदारों, अनाथों और यात्रियों के बीच वितरित की जानी चाहिए और इसे मस्जिदों, खानकाहों या राजनीतिक और धार्मिक संगठनों को नहीं दिया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता