मंत्रियों पर कई विभागों का बोझ होने से शासन व्यवस्था हो रही प्रभावित-रुहुल्लाह मेहदी
श्रीनगर, 26 अगस्त (हि.स.)। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सैयद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद के विस्तार में बार-बार हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रियों पर कई विभागों का बोझ होने से शासन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
रुहुल्लाह ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कई बार आश्वासन दिए गए लेकिन वे अमल में नहीं आए।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बार-बार हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि विस्तार की बात जंतर-मंतर से पहले हुई फिर जंतर-मंतर के बाद फिर 15 अगस्त से पहले और फिर 15 अगस्त के बाद। श्रीनगर सांसद ने कहा कि मंत्री फिलहाल चार से पांच विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं जिससे प्रशासन के कामकाज पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई मंत्री सचिवालय छोड़ देता है तो पांच विभाग ठप्प हो जाते हैं। अलग-अलग विभागों में काम करने आने वाले लोगों को एक मंत्री की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है। रुहुल्लाह ने जिम्मेदारियों के अधिक विकेंद्रीकरण की मांग करते हुए कहा कि अधिक मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा होने से शासन व्यवस्था में सुधार होगा और जनता को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इससे कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, शासन व्यवस्था प्रभावित होती है। विभागों का जितना अधिक विस्तार होगा जनता के लिए उतना ही बेहतर होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन को सामान्य निर्णय लेने में भी कठिनाई हो रही है।
उन्होंने कहा कि दो साल बीत चुके हैं और आप समझ सकते हैं कि सब कुछ ठीक नहीं है। उनकी ये टिप्पणियां जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद के विस्तार या फेरबदल की अटकलों और सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर मतभेदों की खबरों के बीच आई हैं। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आने के बाद से ही सीमित संख्या में मंत्रियों के साथ काम कर रही है और कई महत्वपूर्ण विभागों का संचालन अलग-अलग मंत्रियों द्वारा किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता