कालीबाड़ी चाैक पर हादसों का खतरा बरकरार, ट्रैफिक सिग्नल लगाने की उठी मांग
कठुआ, 1 नवंबर (हि.स.)। कालीबाड़ी चाैक पर रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से चैक पर रेड लाइट सिग्नल लगाने और तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कालीबाड़ी चाैक कठुआ शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां से कठुआ शहर के अलावा लखनपुर और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है। चैक के आसपास मेटाडोर और ऑटो सेवाओं के इंतजार में बड़ी संख्या में यात्री सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से गुजरने वाले वाहनों के कारण यहां हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने बताया कि रविवार को हुए हादसे में एक मासूम बच्चे की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। रविवार होने के कारण स्कूलों में छुट्टी थी और सरकारी तथा निजी कार्यालयों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम थी। यदि यही हादसा किसी कार्यदिवस पर होता जब सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर विद्यार्थियों, कर्मचारियों और यात्रियों की भारी भीड़ रहती है तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
स्थानीय लोगों ने कहा कि कालीबाड़ी चाैक पर पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं लेकिन यातायात सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण चाैक पर ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करे और चैक से पर्याप्त दूरी पहले ही वाहनों को सतर्क करने के लिए चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। इसके साथ ही वाहनों की गति नियंत्रित करने के उपाय किए जाएं और व्यस्त समय में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए। लोगों ने प्रशासन से अपील की कि किसी और बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि कालीबाड़ी चाैक पर यात्रियों और राहगीरों की जान सुरक्षित रह सके
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया