राइज़ इन जम्मू-कश्मीर प्रदर्शनी का शुभारंभ, विकसित भारत के विजन को मिली नई गति
जम्मू, 17 जून (हि.स.)। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं जागरूकता पहल “राइज़ इन जम्मू-कश्मीर 2026” का बुधवार को श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने किया जिनके मार्गदर्शन में इस आयोजन की परिकल्पना और क्रियान्वयन किया गया है। टर्मेह इवेंट्स द्वारा आयोजित तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों, विकास संगठनों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत की विकास यात्रा, तकनीकी उपलब्धियों, सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी पहलों को एक साझा मंच पर प्रदर्शित करना है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गुलाम अली खटाना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विकास और प्रगति के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नागरिकों को उन संस्थानों और योजनाओं से जोड़ने का कार्य करते हैं जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए सरकारी एजेंसियों, उद्योग जगत, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और युवाओं से सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी देश की उपलब्धियों को बुनियादी ढांचे, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, सार्वजनिक सेवाओं और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम है।
प्रदर्शनी में एनएचपीसी, बीआईएस, आईसीएमआर, इसरो, सीएसआईआर, आईसीएआर, एपीडा, नॉर्दर्न रेलवे, आईआरसीटीसी, सीपीसीबी, सर्वे ऑफ इंडिया, पावरग्रिड, हर्ल, एनएफएल, एनबीसीसी, आरईसी, एनटीपीसी, ट्राइफेड, नेशनल जूट बोर्ड, नेफेड और परमाणु ऊर्जा विभाग सहित कई प्रमुख संस्थान और सार्वजनिक उपक्रम भाग ले रहे हैं।
पहले दिन बड़ी संख्या में आगंतुकों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और नवाचारों, तकनीकी प्रदर्शनों, जागरूकता अभियानों तथा सूचना केंद्रों के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने वाले संस्थानों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। यह आयोजन नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्यमियों और आम नागरिकों के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा देने का भी अवसर प्रदान कर रहा है।
आयोजकों ने सभी सहभागी संस्थानों और हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी ज्ञान साझा करने, नवाचार को बढ़ावा देने और जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। 19 जून तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों, उद्यमियों, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है। आयोजकों ने लोगों से प्रदर्शनी का भ्रमण कर विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और विकास पहलों की जानकारी प्राप्त करने की अपील की है जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान दे रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा