जे एण्ड के में वन अधिकार कानून लागू करने की समीक्षा, जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश
श्रीनगर, 23 मई (हि.स.)। जल शक्ति, वन, पर्यावरण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) 2006 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की।
बैठक में अधिनियम के तहत दायर दावों, समितियों के कार्य और जनजातीय समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े कदमों की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को कानून की बेहतर समझ विकसित करने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने जनजातीय समुदायों में एफआरए और अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि लाभार्थियों को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके। राणा ने लंबित दावों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने और ब्लॉक, जिला व यूटी स्तर की समितियों को सक्रिय करने को कहा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वन संरक्षण के साथ-साथ जनजातीय समुदायों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। मंत्री ने कहा कि किसी भी बेदखली की कार्रवाई कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही की जाए और कमजोर वर्गों के अधिकारों से कोई समझौता न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया