झीलों और जलाशयों के संरक्षण कार्यों की समीक्षा, अतिक्रमण व प्रदूषण रोकने के निर्देश

 

जम्मू, 31 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेएलसीएमए) के वाइस चेयरमेन खुर्शीद अहमद शाह ने शुक्रवार को प्राधिकरण की विभिन्न संरक्षण एवं विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में झीलों और अन्य जलाशयों के संरक्षण, सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया तथा अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से परियोजनाएं पूरी करने, प्रभावी निगरानी और नियमित फील्ड निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जलाशयों को अतिक्रमण, अवैध निर्माण, ठोस कचरा फेंके जाने और बिना शोधन वाले सीवेज के प्रवाह से बचाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए उल्लंघन के मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही अतिक्रमण हटाने, जल चैनलों और आउटलेट्स की सफाई तथा रखरखाव की प्रगति की भी समीक्षा की गई और साफ कराए गए क्षेत्रों पर दोबारा अतिक्रमण न होने देने के लिए निगरानी बढ़ाने को कहा गया।

बैठक में झीलों में आने वाले 19 इनलेट चैनलों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उपाध्यक्ष ने इन चैनलों पर स्थापित रेगुलेटरी गेटों के सुचारु संचालन और रखरखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति (जेके पीसीसी) से संपर्क कर झीलों में मिलने वाले जल को प्रदूषित करने वाले कीटनाशकों और रसायनों के उपयोग पर रोक लगाने के उपाय किए जाएं।

इसके अलावा एरेटर, फाउंटेन और झील संरक्षण से जुड़ी अन्य आधारभूत संरचनाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से नियमित प्रगति रिपोर्ट, कार्यों का उचित दस्तावेजीकरण और परियोजनाओं की फील्ड स्तर पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की नाजुक जलीय पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास और नियमों का सख्ती से पालन आवश्यक है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा