जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर राजस्व अधिकारी, वन रक्षक निलंबित
जम्मू, 24 अप्रैल(हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के सांबा और डोडा जिलों में कर्तव्य में कथित लापरवाही के लिए क्रमश एक राजस्व अधिकारी और एक वन रक्षक को निलंबित कर दिया गया है। एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि सांबा जिले में उपायुक्त आयुषी सूदन ने बार-बार निर्देशों के बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को पूरा करने में विफलता के लिए 'गिरदावर' पंकज सिंह जामवाल को निलंबित करने का आदेश दिया।
तहसीलदार बारी ब्राह्मण ने रिपोर्ट दी थी कि 8 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच पटवार हलका स्माइलपुर में कोई भी 'जमाबंदी' (भूमि के अधिकार का आधिकारिक रिकॉर्ड) डिजिटल नहीं किया गया था। आदेश में कहा गया कि अधिकारी का आचरण उसकी जिम्मेदारियों के निर्वहन में घोर लापरवाही और कर्तव्य की उपेक्षा को दर्शाता है। जांच लंबित रहने तक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उसे तहसीलदार सांबा के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसमें कहा गया है कि विजयपुर के उपमंडलीय मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि डोडा जिले में भद्रवाह क्षेत्र में अवैध देवदार की लकड़ी ले जा रहे एक वाहन को जब्त करने के बाद वन विभाग के बीट गार्ड, मुश्ताक अहमद को भी निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि वन सुरक्षा बल और नेरू रेंज के क्षेत्रीय कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम ने 21 और 22 अप्रैल की मध्यरात्रि के दौरान जलगा गांव में 20 देवदार हरे स्कैंट (बिना पकाए लकड़ी के टुकड़े) से भरे एक वाहन को रोका। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान प्रभारी बीट गार्ड को अपने निजी वाहन में उसी मार्ग पर घूमते हुए पाया गया और एक बैग में पैक किया गया एक मैकेनिकल कटर बरामद किया गया। निलंबित गार्ड को जांच लंबित रहने तक प्रभागीय वन कार्यालय भद्रवाह से संबद्ध कर दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता