राज्य का दर्जा बहाल करना कोई एहसान नहीं बल्कि जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है-उपमुख्यमंत्री
जम्मू, 1 जनवरी (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने गुरुवार को एक बार फिर नई दिल्ली को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता याद दिलाई और केंद्र से इस वादे को बिना किसी देरी के पूरा करने का आग्रह किया।
जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता को बार-बार आश्वासन दिया गया कि उचित समय पर राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य का दर्जा बहाल करना कोई एहसान नहीं बल्कि जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है। भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर पर 11 साल तक शासन किया और कई मोर्चों पर बुरी तरह विफल रही। उन्होंने कहा कि इतने लंबे शासन के बावजूद पार्टी जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं कर सकी और शासन संबंधी कई चुनौतियां छोड़ गई।
चौधरी ने भाजपा द्वारा वर्तमान निर्वाचित सरकार से जवाबदेही की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार को बने अभी सिर्फ एक साल हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जवाबदेही मांगना अनुचित है क्योंकि वह एक दशक से अधिक समय से सत्ता में है और उसे पहले अपने कार्यों का हिसाब देना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि चुनी हुई सरकार लोकतांत्रिक शासन, विकास और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य का दर्जा देने का मुद्दा हर उचित मंच पर उठाती रहेगी। उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य का दर्जा बहाल करने से लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत होंगी, शासन व्यवस्था में सुधार होगा और जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता